हाटा में निर्माण कार्य के बीच राहगीर बेहाल
कुशीनगर जिले के हाटा कस्बे में एनएचएआई (NHAI) द्वारा कराए जा रहे ओवरब्रिज निर्माण कार्य ने स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। निर्माण के चलते बनाई गई अस्थायी सर्विस लेन पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। इस मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें जलभराव के कारण सड़क की स्थिति का अंदाजा लगाना नामुमकिन हो गया है। गुरुवार को जब विधायक मोहन वर्मा और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी (SDM) मयंक त्रिपाठी निरीक्षण के लिए पहुंचे, तो उन्हें इस बदहाली का कड़वा सच देखने को मिला।
निरीक्षण के दौरान आंखों के सामने पलटा ऑटो
विधायक और प्रशासन की टीम जब सर्विस लेन का जायजा ले रही थी, उसी दौरान वहां से गुजर रहा एक ऑटो अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में पलट गया। घटना के समय अधिकारियों की टीम वहीं मौजूद थी। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इस घटना ने सड़क की जर्जर स्थिति की पोल खोल दी है। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए।
प्रशासन का कड़ा रुख, अधिकारियों को फटकार
हादसे के बाद एसडीएम मयंक त्रिपाठी ने तत्काल नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी मीनू सिंह को मौके पर तलब किया। एसडीएम ने एनएचएआई के संबंधित अधिकारियों को लापरवाही के लिए कड़ी फटकार लगाई। प्रशासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि अगले दो दिनों के भीतर सर्विस लेन पर जमा पानी की निकासी की जाए और सभी गहरे गड्ढों को भरकर सड़क को समतल किया जाए।
- निर्देश: सड़क पर जमा पानी का निपटारा करना।
- मरम्मत: सर्विस लेन के सभी बड़े गड्ढों को भरना और समतल करना।
- समय सीमा: आगामी 48 घंटे के भीतर कार्य पूर्ण करना।
एसडीएम ने जोर देकर कहा कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन उसके नाम पर आम जनता की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। सड़क को सुरक्षित रखना संबंधित निर्माण एजेंसी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
स्थानीय लोगों के लिए आवागमन में चुनौती
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव और गड्ढों के कारण यहां से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। विशेषकर रात के समय पानी भरे गड्ढों में गिरकर दोपहिया वाहन चालक अक्सर चोटिल होते रहते हैं। अब प्रशासन के कड़े निर्देशों के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अगले दो दिनों में सर्विस लेन की स्थिति में सुधार होगा। फिलहाल, प्रशासन ने इसे लेकर सख्त निगरानी रखने के संकेत दिए हैं।