गोपालगंज में शराब तस्करी का बढ़ता नेटवर्क
बिहार में मद्यनिषेध कानून लागू होने के बावजूद गोपालगंज सहित राज्य के विभिन्न जिलों में शराब तस्करी के नए-नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं। तस्कर पुलिस की पैनी नजर से बचने के लिए अब अत्याधुनिक और शातिर हथकंडे अपना रहे हैं। पिछले 48 घंटों में राज्य में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें आम सामान की आड़ में भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब की खेप बरामद की गई है।
तस्करी के लिए अनोखे जुगाड़ और पुलिस की कार्रवाई
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, गोपालगंज और आसपास के इलाकों में शराब तस्करी के लिए तस्करों ने हैरान कर देने वाले तरीके अपनाए हैं। कहीं कुरकुरे के बोरों के नीचे शराब की पेटियां छिपाकर ले जाई जा रही थीं, तो कहीं स्कूल की किताबों और कॉपियों के बंडल के बीच में अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद की गईं। सबसे चौंकाने वाला मामला स्कॉर्पियो गाड़ी का है, जिसे तस्करों ने एक चलता-फिरता ‘तहखाना’ बना दिया था। गाड़ी के फर्श और सीट के नीचे विशेष रूप से केबिन तैयार किए गए थे, ताकि पुलिस की तलाशी के दौरान शराब नजर न आए।
सुरक्षा बलों की लगातार नजर
गोपालगंज पुलिस और मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इन नए ‘जुगाड़ों’ के बारे में पूरी तरह सतर्क हैं। खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि तस्कर अंतरराज्यीय गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं जो बिहार की सीमाओं पर इन रास्तों का उपयोग करते हैं।
स्थानीय स्तर पर प्रभाव और पुलिस की अपील
इस तरह की तस्करी की घटनाओं से स्थानीय निवासियों के बीच चिंता है। सड़क सुरक्षा और अवैध गतिविधियों के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गोपालगंज पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या ‘मद्यनिषेध हेल्पलाइन’ पर साझा करें। पुलिस का कहना है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने सभी चेक पोस्टों पर चेकिंग का दायरा बढ़ा दिया है ताकि तस्करी के किसी भी प्रयास को समय रहते विफल किया जा सके।