गोरखपुर: गैस रिसाव से लगी आग में झुलसे बुजुर्ग की मौत
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गैस रिसाव के कारण लगी आग एक भीषण हादसे में बदल गई। शाहपुर थाना क्षेत्र के राप्तीनगर फेज-एक स्थित एलआइजी-156 मकान में हुए इस हादसे में बुरी तरह झुलसे 75 वर्षीय रंजन दास की इलाज के दौरान मौत हो गई है। रविवार भोर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस अग्निकांड में उनकी पत्नी जया दास (70) और घर में काम करने वाली दशावती देवी (65) भी गंभीर रूप से झुलस गई हैं, जिनका अस्पताल में सघन उपचार चल रहा है।
गैस सिलेंडर की पाइप सफाई के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह रंजन दास के घर में गैस सिलेंडर से जुड़ी समस्या सामने आई थी, जिसके बाद उन्होंने हिमांशु गैस एजेंसी के हॉकर इंद्रेश (40) को बुलाया था। सुबह करीब 9:15 बजे जब हॉकर सिलेंडर की पाइप की जांच और सफाई कर रहा था, उसी दौरान गैस का रिसाव हुआ और अचानक आग लग गई। आग ने चंद पलों में विकराल रूप ले लिया, जिससे घर में मौजूद सदस्य इसकी चपेट में आ गए। हादसे में हॉकर इंद्रेश के हाथ भी झुलस गए थे, जो उपचार के लिए निजी अस्पताल चला गया था।
पड़ोसियों की सतर्कता से बचाई गई जान
घटना के समय घर में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटों को देख पड़ोस में रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने साहस दिखाते हुए तुरंत घर के अंदर प्रवेश किया और बुजुर्ग दंपति को बाहर सुरक्षित निकाला। सूचना मिलने के बाद शाहपुर थाने की पुलिस और पीआरवी की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग किया और घायलों को तुरंत बीआरडी मेडिकल कॉलेज भिजवाया। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि हादसे के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके।
करीब 30 साल से राप्तीनगर में रह रहा था परिवार
मृतक रंजन दास मूल रूप से कोलकाता के रहने वाले थे और पिछले 30 वर्षों से राप्तीनगर में अपना घर बनाकर रह रहे थे। उनका परिवार समाज का एक प्रतिष्ठित हिस्सा रहा है। रंजन दास के बेटे प्रतीक दास एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं, जबकि उनकी बेटी अंजलि का विवाह हो चुका है। परिवार के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। स्थानीय लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं। नगर प्रशासन और स्थानीय पुलिस की ओर से प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है।