गोरक्षपीठ में मां आदिशक्ति की आराधना का शुभारंभ
गोरखपुर स्थित शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि, गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर मां आदिशक्ति की उपासना का अनुष्ठान रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में शाम 5 बजे मंदिर के प्रथम तल पर स्थित शक्ति मंदिर में कलश स्थापना की जाएगी।
परंपरागत अनुष्ठान और देवीभागवत कथा
गोरखनाथ मंदिर में शक्ति आराधना की एक विशेष और प्राचीन परंपरा रही है। मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने जानकारी दी कि प्रतिपदा से लेकर शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिन तक विविध धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। इन दस दिनों तक मंदिर परिसर में देवीभागवत कथा का वाचन और दुर्गा सप्तशती का पाठ निरंतर चलेगा। सुबह और शाम के समय विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होंगे।
महानिशा पूजन और कन्या पूजन
मंदिर के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 18 अक्टूबर की शाम 7 बजे महानिशा पूजन और हवन का आयोजन किया जाएगा। इसके अगले दिन, यानी 19 अक्टूबर को महानवमी के अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पारंपरिक रूप से कन्या पूजन करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री स्वयं मातृ स्वरूपा कन्याओं के पांव पखारेंगे और उनके लिए विशेष भोज का आयोजन भी किया जाएगा।
विजयादशमी महोत्सव और शोभायात्रा
शारदीय नवरात्रि के समापन पर 20 अक्टूबर को विजयादशमी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। सुबह 9:35 बजे गोरक्षपीठाधीश्वर श्रीनाथ जी का विशिष्ट पूजन करेंगे। इसके पश्चात, दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक तिलकोत्सव कार्यक्रम आयोजित होगा। शाम 4 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भव्य रथ पर सवार होकर शोभायात्रा निकालेंगे। वे मानसरोवर मंदिर में देव विग्रहों का अभिषेक करने के पश्चात मानसरोवर रामलीला मैदान में श्रीराम दरबार का पूजन करेंगे और प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे।
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित होने वाले ये धार्मिक कार्यक्रम आस्था का बड़ा केंद्र माने जाते हैं, जिसके लिए प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं।