गोरखपुर: मंडलायुक्त की फ्लैगशिप योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा
गोरखपुर मंडल के विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को आयुक्त सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य केंद्र मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विभागों की रैंकिंग और विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं का क्रियान्वयन रहा। मंडलायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभागों को कार्यशैली में सुधार का निर्देश
मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने मंडल के चारों जनपदों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर अपनी रैंकिंग को निरंतर बेहतर बनाने का प्रयास करें। बैठक के दौरान उन्होंने उन विभागों को कड़ी चेतावनी दी जिनका प्रदर्शन असंतोषजनक रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डैशबोर्ड पर खराब प्रदर्शन करने वाले विभाग यदि अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विशेष रूप से, सीएमआईएस पोर्टल पर दर्ज 1 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली ‘रेड श्रेणी’ की परियोजनाओं को लेकर मंडलायुक्त ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पोर्टल के नोडल अधिकारी से समन्वय बनाकर परियोजनाओं में हो रही देरी का उचित कारण स्पष्ट करें और समयावधि में वृद्धि सुनिश्चित करें, ताकि रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत
समीक्षा बैठक के दौरान कई उच्च अधिकारियों की अनुपस्थिति को मंडलायुक्त ने गंभीरता से लिया। उन्होंने राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड, यूपीसिडको, राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रतिनिधियों और माध्यमिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक को फटकार लगाई। इन सभी अधिकारियों को अब अनुपस्थिति का ठोस कारण स्पष्ट करने के साथ कार्यालय में तलब किया गया है।
जननी सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर जोर
बैठक में जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पात्र लाभार्थियों को 5 दिनों के भीतर योजना का लाभ पहुँचाया जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को भी सड़कों के लंबित निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।
इस बैठक में गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा, नगर आयुक्त अजय जैन और मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, कुशीनगर, महाराजगंज और देवरिया के जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक में शामिल हुए। मंडलायुक्त ने आगामी बैठकों में प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है।