सोशल मीडिया के मायाजाल से बचकर करियर पर ध्यान दें: डॉ. यूपी सिंह
गोरखपुर जिले के सरदारनगर स्थित शहीद बंधू सिंह डिग्री कॉलेज में रविवार को आयोजित एक विशेष समारोह में शिक्षाविदों ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के प्रति आगाह किया। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. यू.पी. सिंह ने कहा कि आज के दौर में रील (Reels) और सोशल मीडिया की चकाचौंध में विद्यार्थी अपना वास्तविक भविष्य भूल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रील की आभासी दुनिया से बाहर निकलकर वास्तविकता के धरातल पर जुड़ना ही आज के युवाओं के लिए सफलता की कुंजी है।
नवागत स्वागत समारोह में दी गई सीख
महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित इस नवागत स्वागत समारोह में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि ज्ञान के असीमित स्रोतों के बीच सही और उपयोगी जानकारी का चयन करना ही बुद्धिमत्ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल मनोरंजन के लिए समय व्यतीत करने के बजाय अपने जीवन के लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहें और सकारात्मक सोच विकसित करें।
अनुशासन और व्यवहार का महत्व
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अनिल सिंह ने कहा कि केवल प्रेरक भाषण सुनना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें अपने दैनिक व्यवहार और कर्मों में उतारना जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि विद्यार्थियों को ऐसे उदाहरण पेश करने चाहिए जो समाज में सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकें। इसी कड़ी में मुख्य नियंता डॉ. अखंड सिंह ने आपसी सौहार्द और समन्वय को व्यक्तित्व विकास का आधार स्तंभ बताया।
ज्ञान प्राप्ति के लिए धैर्य और समर्पण जरूरी
समारोह में विचार रखते हुए समाजशास्त्र विभाग की प्रभारी डॉ. किरन यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में धैर्य, सजगता और समर्पण के बिना लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जिज्ञासा ही ज्ञान के विस्तार का मुख्य जरिया है। पुस्तकालय प्रभारी आनंद प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को पुस्तकालय का नियमित उपयोग करने और अपने रुचि के विषयों में गहन अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में दिखी विद्यार्थियों की प्रतिभा
समारोह का शुभारंभ मां शारदा के पूजन के साथ हुआ। वाणिज्य विभाग के शिक्षक डॉ. राजेश शुक्ल, मनीष कुमार पांडेय और निकिता दुबे के मार्गदर्शन में नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने अपना परिचय बेहद रोचक ढंग से दिया, जिसमें उनका आत्मविश्वास और अनुशासन स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ छात्राओं मानसी और आकांक्षा द्वारा किया गया, जबकि संयोजन की जिम्मेदारी नीरज और नितिन ने निभाई। इस अवसर पर डॉ. विद्या रावत, डॉ. गुंजन सिंह, डॉ. अनुराधा शाही कौशिक सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे।