बशारतपुर में कल्याण मंडपम का लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर के वार्ड नंबर 80, राप्ती नगर स्थित बशारतपुर में नवनिर्मित कल्याण मंडपम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) और नगर निगम की 130.73 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 170 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। बशारतपुर कल्याण मंडपम का निर्माण 3.10 करोड़ रुपये की लागत से 2,593 वर्गमीटर भूमि पर किया गया है, जो स्थानीय निवासियों को कम खर्च में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
कानून-व्यवस्था और माफिया पर कड़ा प्रहार
समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि जो भी सुरक्षा पर संकट पैदा करने की कोशिश करेगा, उसके लिए जेल और कानूनी कार्रवाई के सख्त रास्ते खुले हैं। उन्होंने माफियाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश अब माफियामुक्त हो चुका है और यदि कोई सिर उठाने की जुर्रत करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘डकैतों का गिरोह’ करार दिया और कहा कि भाजपा सरकार में अब अराजकता नहीं, बल्कि विकास का माहौल है।
विकास की नई इबारत और इंसेफेलाइटिस का समाधान
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए बताया कि 2017 से पहले जो क्षेत्र इंसेफेलाइटिस की त्रासदी से जूझ रहा था, उसे अब पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि सांसद रहने के दौरान उन्होंने इस बीमारी के खिलाफ सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ी और आज परिणाम सबके सामने है। इसके अलावा, सीएम ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और निशुल्क बस यात्रा जैसी सुविधाओं का विस्तार से उल्लेख किया।
परियोजनाओं का ब्यौरा
इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया:
- जीडीए कार्य: पार्क निर्माण, सड़क व नाली निर्माण और सीसीटीवी स्थापना जैसी परियोजनाएं।
- नगर निगम कार्य: बाढ़ पंपिंग स्टेशनों का सुदृढ़ीकरण, पाइपलाइन विस्तार और 41 नई सड़कों व नालियों का निर्माण।
- जनसुविधाएं: शहर में जलजमाव की समस्या को दूर करने के लिए विशेष पंपिंग स्टेशन और नए आवासीय भवनों का शिलान्यास।
इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न भेंटकर किया गया।