ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
देवरिया और गोरखपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और जल निकासी की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार ने राज्य योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत देवरिया और गोरखपुर जनपद में 24 नए लघु सेतुओं (पुलों) के निर्माण को मंजूरी दी है। इन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर कुल 29 करोड़ 77 लाख 53 हजार रुपये की लागत आएगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान निर्माण कार्य को गति देने के उद्देश्य से शासन ने पहली किस्त के रूप में 5 करोड़ 95 लाख 54 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी है।
देवरिया जनपद की प्रमुख परियोजनाएं
देवरिया जिले में कुल 10 प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिन पर करीब 13 करोड़ 73 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। इन कार्यों के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 2 करोड़ 74 लाख 67 हजार रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्य रूप से नरसिंहडाड़-चक्कीमुसादोही मार्ग पर जमुआर नाले पर बॉक्स कल्वर्ट और भलुअनी क्षेत्र में मुसैला-भागलपुर मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर नए निर्माण शामिल हैं। इसके अलावा बेलही-उधोपुर, बैतालपुर ब्लॉक के गुदरी मार्ग, रामपुर हिरामन और पकड़ी वीरभद्र जैसे संपर्क मार्गों पर नए लघु सेतु और सुरक्षात्मक कार्य किए जाएंगे।
गोरखपुर में 14 पुलों का होगा निर्माण
गोरखपुर जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में 14 स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां आरसीसी पुलिया और बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण कराया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से कल्याणपुर, चिलवा दलित बस्ती, घोबौली-आशापुर और पिपरौली विकासखंड के कई संपर्क मार्ग शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) की देखरेख में महुआडाबर-गोपालपुर मार्ग, जिगिना फरसाडाड़ मार्ग और भट्ठा चौराहा के आसपास के ग्रामीण इलाकों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए यह कार्य संपन्न कराया जाएगा।
स्थानीय निवासियों को मिलेगा लाभ
इन पुलों और कल्वर्ट्स के निर्माण से ग्रामीण इलाकों में आवागमन सुगम होने के साथ ही जलभराव की समस्याओं से भी राहत मिलेगी। पूर्व में क्षतिग्रस्त पुलियाओं के कारण ग्रामीणों, विशेषकर स्कूली बच्चों और किसानों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सरकार के इस कदम से न केवल ग्रामीण कनेक्टिविटी बेहतर होगी बल्कि बरसात के मौसम में होने वाले जलभराव से भी मुक्ति मिलेगी। स्थानीय प्रशासन को समयबद्ध तरीके से इन परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि विकास का लाभ अंतिम छोर पर बसे लोगों तक पहुंच सके।