घटना का पूरा विवरण
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के बीच आपसी गुटबाजी का एक गंभीर मामला सामने आया है। मंगलवार को जिले की सीमा खरोह के पास उस समय अफरातफरी मच गई, जब पार्टी के सोशल मीडिया राष्ट्रीय सहसंयोजक शिवानंद द्विवेदी के स्वागत के दौरान भाजपा के दो गुट आपस में भिड़ गए। इस दौरान न केवल तीखी बहस हुई, बल्कि स्थिति हिंसक हो गई और लाठी-डंडों का जमकर प्रयोग किया गया।
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कार्यकर्ता एक-दूसरे के साथ गुत्थम-गुत्था हो रहे हैं। विवाद इतना बढ़ गया कि सुरक्षाकर्मियों द्वारा किए गए बीच-बचाव के प्रयास भी विफल रहे। इस हाथापाई के दौरान एक कार्यकर्ता की लाठी-डंडों से बुरी तरह पिटाई किए जाने का आरोप है, जिसे किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।
घटना के समय मौजूद थे दिग्गज नेता
मिली जानकारी के अनुसार, जब यह घटना हुई, उस समय मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष काली प्रसाद सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर इस तरह की गुटबाजी और अनुशासनहीनता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के बाद से ही स्थानीय स्तर पर भाजपा के बड़े पदाधिकारी इस मामले पर कुछ भी आधिकारिक टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
कानपुर की घटना से तुलना
देवरिया की यह घटना कानपुर में हाल ही में हुई एक इसी तरह की घटना की याद दिलाती है, जहां भाजपा के क्षेत्रीय प्रभारी के स्वागत समारोह के दौरान दो गुट आपस में भिड़ गए थे। कानपुर की घटना में भी मंच पर बैठने की वरीयता को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो बाद में लात-घूंसे और चप्पलों तक पहुंच गया था। उस मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। देवरिया में हुई इस ताजा घटना के बाद से संगठन की आंतरिक स्थिति पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों पर असर
इस हिंसक झड़प के कारण कार्यक्रम स्थल पर काफी देर तक अराजकता की स्थिति बनी रही, जिससे स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं के बीच हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में किसी प्राथमिकी (FIR) या कानूनी कार्रवाई की औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय स्तर पर लोग इस घटना को चुनावी माहौल में पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के रूप में देख रहे हैं।