नेपाल आपदा का असर: कुशीनगर और महराजगंज में शवों की बरामदगी
नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक त्रासदी के चौथे दिन भी गंडक (नारायणी) नदी में शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। रविवार को कुशीनगर के छितौनी तटबंध के पास भेड़ियारी ठोकर नंबर तीन पर एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने दो महिलाओं और दो पुरुषों के शव बरामद किए। इस ताजा बरामदगी के साथ ही, नेपाल की सीमा से सटे इन जिलों में मिलने वाले शवों की कुल संख्या 17 तक पहुंच गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया
बरामद हुए शवों को पहचान के लिए स्थानीय मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। महराजगंज जिले में बरामद किए गए चार शवों का 72 घंटे का अनिवार्य इंतजार पूरा होने के बाद रविवार को पोस्टमार्टम किया गया। प्रशासन ने डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन शवों को महेशपुर बॉर्डर पर नेपाल पुलिस को सौंप दिया है। कुशीनगर में बरामद शवों के मामले में, नियमानुसार 72 घंटे की अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कुशीनगर की मोर्चरी में जगह की कमी के कारण कुछ शवों को गोरखपुर भेजा गया है।
लापता लोगों की तलाश जारी
आपदा के पांच दिन बाद भी कई लोगों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। महराजगंज के मिठौरा क्षेत्र के परसौनी गांव के प्रधान अनिल जोशी के अनुसार, उनके रिश्तेदार काठमांडू से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे। 26 अगस्त को तिब्बत सीमा के इमीग्रेशन ऑफिस से अंतिम बार हुई बातचीत के बाद से ही पूरा दल लापता है। नेपाल दूतावास के साथ स्थानीय प्रशासन लगातार समन्वय बनाए हुए है ताकि लापता लोगों की सटीक जानकारी मिल सके।
स्थानीय स्तर पर भयावह दृश्य
कुशीनगर के गंडक नदी तटों पर बिखरी हुई चप्पलें और अन्य निजी वस्तुएं इस त्रासदी की विभीषिका को बयां कर रही हैं। नदी की लहरों के साथ बहकर आई ये वस्तुएं वहां किसी अनहोनी का संकेत दे रही हैं। स्थानीय निवासी और बचाव दल लगातार नदी किनारे निगरानी कर रहे हैं ताकि बहकर आने वाले किसी भी शव को सुरक्षित निकाला जा सके। प्रशासन ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।