घटना का विवरण
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का असर अब उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी दिखने लगा है। नेपाल से बहकर आए बाढ़ के पानी के साथ शवों के मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। गुरुवार को महराजगंज और कुशीनगर जिलों में एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने कुल सात शव बरामद किए हैं। प्रशासन को आशंका है कि ये सभी शव नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के शिकार लोगों के हो सकते हैं।
महराजगंज और कुशीनगर में बरामदगी
महराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र में गंडक नदी से चार शव बरामद किए गए हैं। नायब तहसीलदार पीयूष कुमार जायसवाल के अनुसार, इन शवों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। इनमें से एक शव नारायणी नदी के बनकेसिया के पास और तीन शव टेलफाल ठोकर संख्या एक के पास से स्टीमर की मदद से बाहर निकाले गए। वहीं, कुशीनगर की नारायणी नदी में भी तीन अन्य शव मिले हैं, जिन्हें एसडीआरएफ द्वारा मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है।
प्रशासन की कार्रवाई और स्थिति
नेपाल में आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, वहां आई बाढ़ से 160 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 826 लोग लापता हैं। लापता लोगों में भारतीय पर्यटकों के भी होने की सूचना है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इन शवों की पहचान सुनिश्चित करने और आवश्यक कानूनी कार्यवाही के लिए नेपाल प्रशासन को सूचना दी जा रही है। प्रोटोकॉल के तहत शवों को 72 घंटे के लिए मोर्चरी में रखा गया है।
गंडक बैराज का जलस्तर और अलर्ट
कुशीनगर जिला प्रशासन ने बताया कि नेपाल में आई आपदा के बाद वाल्मीकि गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। इसके कारण नारायणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया है और तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव उपकरणों के साथ टीमें अलर्ट मोड पर हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।