महराजगंज में मौसम का कहर: चार की मौत
महराजगंज जिले में रविवार रात से जारी तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मौसम के इस अचानक बिगड़े मिजाज के कारण हुई अलग-अलग दुर्घटनाओं में चार लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ये मौतें पेड़ गिरने और कच्चे मकानों के ढहने के कारण हुईं।
घटना का विस्तृत विवरण
जिले के विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सूचना के अनुसार, सबसे दुखद घटना सदर तहसील के चंदन चाफी गांव में हुई। यहां आंधी के दौरान एक विशाल पेड़ अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से गौरी शंकर (45) और उनकी पत्नी (42) की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दंपती उस समय जंगल में अपनी बकरियां खोजने के लिए गए हुए थे।
इसी प्रकार की एक अन्य घटना निचलौल तहसील क्षेत्र में दर्ज की गई है। शीतलापुर के रहने वाले पन्ने कुमार प्रजापति (30) की सिंदुरिया के पास स्थित कंचनपुर गांव में पेड़ गिरने से दबकर मृत्यु हो गई। वहीं, फरेंदा तहसील के जीगीनीहा गांव में एक कच्चे खपरैल का मकान तेज बारिश और हवाओं के दबाव को नहीं झेल सका और ढह गया। इस हादसे में कुसमी (69) मलबे के नीचे दब गईं, जिससे उनकी जान चली गई।
प्रशासनिक कार्रवाई और राहत कार्य
सूचना मिलते ही राजस्व विभाग और पुलिस की टीमें तत्काल प्रभावित गांवों के लिए रवाना हुईं। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए बचाव कार्य शुरू किया। महराजगंज के जिलाधिकारी ने सभी संबंधित तहसीलदारों को तत्काल रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। शासन द्वारा पीड़ित परिवारों को अनुमन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वर्तमान स्थिति और सावधानी
प्रशासन ने फिलहाल जिले में अलर्ट जारी किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कच्चे मकानों और जर्जर पेड़ों के नीचे न रहने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय तहसील कार्यालय या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को दें। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति नियंत्रण में है और राजस्व टीमें नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही हैं।