न्यायालय परिसर के बाहर की घटना
महराजगंज जिले में आज मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को उस समय हड़कंप मच गया जब दुष्कर्म के एक मामले में पीड़िता ने आत्मदाह करने की कोशिश की। किशोरी का आरोप है कि करीब एक महीने पहले उसने शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किए जाने के संबंध में स्थानीय थाने में मामला दर्ज कराया था, लेकिन अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीड़िता दोपहर के समय कलेक्ट्रेट और न्यायालय परिसर के समीप पहुंची थी। वहां उसने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए किशोरी को काबू में कर लिया और उसके हाथ से माचिस छीनकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
पीड़िता और उसके परिजनों का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के इतने दिनों बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने में विफल रही है। मामले में विवेचना अभी भी जारी होने की बात कही जा रही है, जिससे किशोरी काफी तनाव में थी। उसने आरोप लगाया कि उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिसके कारण वह हताश होकर इस कदम की ओर बढ़ गई।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और अब इस मामले में पीड़िता की सुरक्षा और गिरफ्तारी को प्राथमिकता पर रखा गया है।
वर्तमान स्थिति और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन मामले को संवेदनशील मानते हुए पुलिस उच्चाधिकारी मामले की समीक्षा कर रहे हैं। फिलहाल किशोरी को सुरक्षित पुलिस संरक्षण में रखा गया है और उसे आवश्यक चिकित्सा व परामर्श सहायता प्रदान की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को ऐसे गंभीर मामलों में तत्परता दिखानी चाहिए ताकि पीड़ित को न्याय के लिए सड़कों पर न उतरना पड़े। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।