जिले में कुपोषण के आंकड़े और खाली बेड
महराजगंज जनपद में कुपोषण के खिलाफ चल रहे सुपोषण अभियान की जमीनी हकीकत काफी चिंताजनक है। जिले में कुल 1973 बच्चे कुपोषित और 244 गंभीर रूप से कुपोषित श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं, इसके बावजूद जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) के चार बेड 27 अगस्त से खाली पड़े हैं।
मैदानी अमले की सुस्त कार्यप्रणाली
कुपोषित बच्चों को केंद्र तक लाने के लिए आरबीएसके टीम, आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की बड़ी फौज तैनात है। वर्तमान में केंद्र के 10 में से केवल 6 बेड पर ही बच्चों का उपचार चल रहा है, जबकि गंभीर स्थिति वाले बच्चों की संख्या को देखते हुए सभी बेड का उपयोग अनिवार्य है। किशन, शिवांश और अभिनंदन जैसे बच्चों को ओपीडी के माध्यम से भर्ती कराया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में जरूरतमंद बच्चे अब भी केंद्रों से दूर हैं।
प्रशासन का पक्ष और उपचार की व्यवस्था
पोषण विशेषज्ञ पूजा त्रिपाठी के अनुसार, केंद्र में बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक आहार और मौसमी फल दिए जाते हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि बच्चों का चिकित्सकों की निगरानी में नियमित उपचार किया जाता है और अभिभावकों को भी विशेष परामर्श दिया जाता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा ने कहा कि यदि केंद्र में बच्चों की संख्या कम हो रही है, तो ब्लॉक स्तर पर संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे।