महराजगंज और कुशीनगर को जोड़ने वाली सड़क की हालत खस्ता
महराजगंज जिले के अंतर्गत आने वाली भुवना से रामबाग तक की लगभग नौ किलोमीटर लंबी सड़क वर्तमान में अत्यंत जर्जर स्थिति में है। इस मुख्य मार्ग की खस्ताहाली के कारण आसपास के सात से आठ गांवों में रहने वाले करीब पांच हजार निवासियों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों और उखड़ी हुई गिट्टियों ने राहगीरों के लिए यात्रा को जोखिम भरा बना दिया है।
आवागमन में हो रही भारी असुविधा
यह मार्ग न केवल स्थानीय गांवों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह महराजगंज को कुशीनगर जिले से जोड़ने वाली एक प्रमुख कड़ी भी है। महराजगंज के निवासियों के लिए कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया और पनियहवा जैसे क्षेत्रों तक पहुँचने के लिए यह रास्ता सबसे सुलभ मार्ग माना जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। विशेषकर बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क पर अत्यधिक फिसलन हो जाती है, जिससे आए दिन दुपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा बना रहता है।
स्कूली बच्चों और राहगीरों पर संकट
सड़क खराब होने का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले छात्र-छात्राओं को गड्ढों और फिसलन भरे रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अधिवक्ता शतीश श्रीवास्तव ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि यह मार्ग दोनों जिलों के बीच व्यापार और सामान्य आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन उपेक्षा के कारण यह अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और वर्तमान स्थिति
सड़क की खराब स्थिति को लेकर जब संबंधित विभाग के सहायक अभियंता कर्ण सिंह से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें मार्ग की खराब दशा की जानकारी है। विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही क्षतिग्रस्त हिस्सों का गहन निरीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि मरम्मत के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, प्राथमिकता के आधार पर सड़क का पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। तब तक स्थानीय लोगों को इस कठिन रास्ते से होकर ही गुजरना होगा।