अभियान का उद्देश्य और कार्ययोजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के गौरवशाली सार्वजनिक जीवन और सेवा काल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरे उत्तर प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। यह व्यापक अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर 2026 तक पूरे एक महीने चलेगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विभिन्न विकास योजनाओं के तहत हासिल की गई उपलब्धियों को धरातल तक पहुंचाना है। इसके साथ ही, नागरिकों को ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प के साथ सीधे जोड़ने की योजना है।
महराजगंज में प्रशासनिक तैयारी
इस राष्ट्रव्यापी अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। महराजगंज के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस वर्चुअल बैठक में स्थानीय स्तर पर सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। बैठक में पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया और जिले के विभिन्न ब्लॉक प्रमुखों ने हिस्सा लिया। प्रशासन ने अभियान को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
जनभागीदारी और लाभार्थियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ में जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जाए। इस दौरान सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को आम लोगों के बीच साझा किया जाएगा, ताकि सरकारी योजनाओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिख सके। पूरे प्रदेश में इस अभियान के माध्यम से लगभग 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों को सीधे जोड़ने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।
अभियान का सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव
महराजगंज जिले में इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह एक महीने का कार्यक्रम केवल सरकार की उपलब्धियों को गिनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में जन जागरूकता और सहयोग बढ़ाने का माध्यम भी बनेगा। स्थानीय प्रशासन अब इस एक महीने के कार्य कैलेंडर को तैयार करने में जुट गया है, ताकि हर वर्ग तक सरकारी सेवा और सूचना की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।