जिला कारागार में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
महाराजगंज में शुक्रवार को जिला प्रशासन और न्यायपालिका के उच्च अधिकारियों ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। जिला जज अरविंद मलिक, जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने संयुक्त रूप से जेल परिसर, बैरकों और रसोईघर की व्यवस्थाओं को परखा। इस दौरान अधिकारियों ने जेल के भीतर स्वच्छता और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की।
बंदियों को जेल मैन्युअल के अनुरूप सुविधाएं देने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिला जज अरविंद मलिक ने जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी बंदियों को जेल मैन्युअल में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ही सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि जरूरतमंद बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उचित कानूनी सहायता सुनिश्चित की जाए।
जिला जज ने महिला और बाल बंदियों के मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही, बंदियों के सुधार के लिए जेल के भीतर रचनात्मक गतिविधियों और विशेष कक्षाओं के संचालन का सुझाव दिया, ताकि उनके समय का सकारात्मक उपयोग हो सके।
प्रशासन की कड़ी निगरानी और सुरक्षा जांच
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने जेल अधीक्षक बीके गौतम को निर्देशित किया कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। जेल परिसर में मौजूद अधिकारियों ने बंदियों के सामान की भी तलाशी ली। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस औचक निरीक्षण में किसी भी बंदी के पास से कोई भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं पाई गई।
इस निरीक्षण के दौरान उपायुक्त (उद्योग) नीरज सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी सिंह समेत जिला प्रशासन के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह औचक निरीक्षण जेल के आंतरिक प्रबंधन को बेहतर बनाने और बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा के उद्देश्य से किया गया था।