न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद दोबारा जांच
महाराजगंज जिले के श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र में लगभग एक वर्ष पूर्व हुई दिलीप मद्धेशिया की संदिग्ध मौत के मामले में एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। न्यायालय ने मामले में पुलिस द्वारा पूर्व में पेश की गई अंतिम आख्या (फाइनल रिपोर्ट) को निरस्त करते हुए, इस पूरे प्रकरण की दोबारा जांच (अग्रेतर विवेचना) करने का आदेश दिया है। अब थाना प्रभारी श्यामदेउरवां को इस मामले में नए सिरे से साक्ष्यों का संकलन करना होगा।
क्या है पूरा मामला?
इस मामले में मृतक दिलीप की प्रेमिका निशा की मां रेखा देवी, उसके भाई आकाश मद्धेशिया, बहन नेहा और रेखा देवी के सहयोगी उपेंद्र उर्फ मैनेजर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पूर्व में पुलिस द्वारा 18 नवंबर 2025 को दाखिल की गई अंतिम आख्या में दावा किया गया था कि 12 अगस्त 2025 को दिलीप ने रेखा देवी के घर पहुंचकर शादी का दबाव बनाया था। विवेचक के अनुसार, शादी से इंकार किए जाने के बाद दिलीप ने हताश होकर 13 अगस्त की रात करीब 12:51 बजे परतावल के साईं मंदिर स्थित नहर पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए आरोपियों को क्लीनचिट दी थी।
पिता ने जताया था कड़ी आपत्ति
मृतक के पिता रमाशंकर मद्धेशिया ने पुलिस की इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए न्यायालय में प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। रमाशंकर का आरोप है कि 12 अगस्त को दिलीप के साथ रेखा देवी और उसके परिजनों द्वारा अमानवीय व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न किया गया था, जो उसकी मौत का कारण बना। पिता के अनुसार, दिलीप का शव 15 अगस्त को कुशीनगर जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के अगया गांव के पास मंसूरगंज रजवाहा नहर से बरामद हुआ था।
पुलिस की वर्तमान कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए श्यामदेउरवां के थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्हें न्यायालय से मामले की पुनः विवेचना के निर्देश प्राप्त हुए हैं। वर्तमान में पुलिस द्वारा न्यायालय में दाखिल पिछली अंतिम आख्या की रिपोर्ट और पत्रावली को प्राप्त करने के लिए पत्राचार किया गया है। पत्रावली मिलते ही साक्ष्यों का पुनः अवलोकन करते हुए जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। स्थानीय निवासियों की निगाहें अब इस जांच के नतीजों पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो पाएगा कि एक साल पुरानी इस दुखद घटना में कानूनी रूप से क्या नया मोड़ आता है।