दिल्ली आंदोलन में शामिल होने से पहले रोके गए भाकियू जिलाध्यक्ष
महाराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिलाध्यक्ष रामअशीष को उनके आवास पर पुलिस ने नजरबंद कर दिया। यह कार्रवाई शनिवार को दिल्ली में प्रस्तावित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के आंदोलन को समर्थन देने जाने के प्रयासों के मद्देनजर की गई है। प्रशासनिक स्तर पर इसे एहतियाती कदम बताया जा रहा है।
गोरखधाम एक्सप्रेस से दिल्ली जाने की थी तैयारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाकियू जिलाध्यक्ष रामअशीष अपने स्थानीय पदाधिकारियों के साथ शुक्रवार दोपहर मुजुरी स्थित अपने आवास से निकले थे। उनकी योजना गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर गोरखधाम एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली जाने की थी। हालांकि, उनके निकलने से पहले ही पनियरा पुलिस मौके पर पहुंच गई और उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दिया गया। पुलिस बल उनके आवास पर तैनात रहा, जिससे उनकी दिल्ली यात्रा बाधित हो गई।
पुलिस और प्रशासन की दलील
पनियरा के थानाध्यक्ष कुंवर गौरव सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि यह कदम उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उठाया गया है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियातन यह कार्रवाई की गई है। पुलिस की टीम शुक्रवार देर शाम सात बजे तक उनके मुजुरी स्थित आवास पर मौजूद रही और निगरानी बनाए रखी।
लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप
इस घटनाक्रम के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई। जिलाध्यक्ष रामअशीष ने प्रशासन की इस कार्रवाई को सीधे तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया है। उनका कहना है कि अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होना उनका संवैधानिक अधिकार है, जिसे प्रशासन द्वारा रोका जा रहा है। स्थानीय भाकियू पदाधिकारियों ने भी इस कार्रवाई का विरोध जताया है। फिलहाल, इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म है और प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सतर्क है।