सामान्य प्रसव की संख्या पर स्वास्थ्य विभाग सख्त
महाराजगंज जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परतावल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और प्रसव संबंधी आंकड़ों को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुरेंद्र चौधरी ने मंगलवार सुबह करीब 9:15 बजे सीएचसी परतावल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में सामान्य प्रसव की कम संख्या को देखकर सीएमओ ने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
अस्पताल की व्यवस्थाओं और प्रसव सेवाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने सबसे पहले महिला विंग का जायजा लिया। वहां वॉर्ड में सामान्य प्रसव के आंकड़ों की गहन समीक्षा की गई, जो अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाए गए। सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक को निर्देश दिए कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए और मरीजों को बिना किसी ठोस कारण के हायर सेंटर रेफर करने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
चिकित्सकों को बाहर की दवाएं न लिखने की हिदायत
महिला विंग के बाद, सीएमओ ने इमरजेंसी वॉर्ड का निरीक्षण किया। वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि मरीजों को बाहर की दवाएं और निजी लैब से जांच करवाने के लिए न लिखा जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई दवाओं और नि:शुल्क जांच सुविधाओं का ही अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
नियमों के पालन के निर्देश और साफ-सफाई पर जोर
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने उपस्थिति रजिस्टर की भी जांच की और सभी चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर ड्यूटी पर पहुंचने की हिदायत दी। अस्पताल परिसर में कुछ स्थानों पर गंदगी मिलने पर उन्होंने सफाई व्यवस्था के प्रति भी असंतोष व्यक्त किया। मौके पर इमरजेंसी में डॉ. अनिल जायसवाल मरीजों का उपचार करते मिले, जबकि फार्मासिस्ट शशिबिंद मिश्रा, संजीव सिंह, अमित कुमार सहित वार्ड बॉय प्रभुनाथ व अनिल यादव भी उपस्थित थे। सीएमओ के इस औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बनी रही और कामकाज में सुधार की उम्मीद की जा रही है।