घटना का विवरण और ग्रामीणों का आक्रोश
महराजगंज जिले के परसामलिक थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत जिगिना में एक बेजुबान पशु (भैंसा) की कथित हत्या का मामला तूल पकड़ गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अगस्त महीने में गंगवलिया गांव के चार नामजद व्यक्तियों और करीब 10 अज्ञात लोगों ने एक छुट्टा भैंसे की लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। ग्रामीणों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से घटना के बाद भैंसे के शव को गायब कर दिया गया था।
पुलिस की भूमिका पर उठे थे सवाल
इस पूरे मामले को लेकर 19 अगस्त को श्रीराम समेत स्थानीय ग्रामीणों ने परसामलिक थाने में लिखित तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण स्थानीय निवासियों में भारी असंतोष व्याप्त था। प्रशासन की कथित उदासीनता के विरोध में ग्रामीणों ने रविवार से गंगापुर चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जिससे क्षेत्र में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई थी।
सीओ और एसओ के आश्वासन के बाद धरना स्थगित
सोमवार को आंदोलनरत ग्रामीणों की मांगों को देखते हुए प्रशासन ने सक्रियता दिखाई। परसामलिक थाने के एसओ विवेक कुमार सिंह धरनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। इस दौरान क्षेत्राधिकारी (सीओ) बसंत सिंह ने फोन के माध्यम से ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस प्रकरण की गहनता से निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
एसओ विवेक कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की दोबारा जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आला अधिकारियों और थाना प्रभारी द्वारा दी गई ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सोमवार को अपना अनिश्चितकालीन धरना स्थगित करने का निर्णय लिया।
प्रमुख लोगों की रही उपस्थिति
इस धरना प्रदर्शन में जिगिना गांव के कई ग्रामीण शामिल रहे, जिनमें मुख्य रूप से शिवेंद्र यादव, राजेश सिंह, राजेश यादव, इंसान अली, राजमंगल, योगेंद्र यादव, रामलखन, पदारथ प्रसाद, अशोक यादव और साधु यादव समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। ग्रामीणों ने साफ किया है कि यदि जांच में देरी हुई या कार्रवाई नहीं की गई, तो वे दोबारा विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।