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महाराजगंज: मनरेगा पोर्टल पर फर्जी हाजिरी का खेल, मौके पर लहलहा रही गन्ने की फसल

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पोर्टल बनाम हकीकत: निचलौल में मनरेगा कार्यों की पोल खुली

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में निचलौल ब्लॉक के अंतर्गत मनरेगा और वीबी-जी रामजी योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है। सरकारी पोर्टल पर श्रमिकों की हाजिरी दर्ज कर काम पूरा होना दिखाया जा रहा है, जबकि मौके पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। निचलौल की विभिन्न ग्राम पंचायतों में हुए कार्यों की पड़ताल में पता चला कि जहां मिट्टी भराई और चकबंध का कार्य कागजों में पूरा दिखाया गया, वहां वास्तव में कोई काम नहीं हुआ है।

गन्ने की फसल और घास-फूस ने खोले फर्जीवाड़े के राज

ग्राम पंचायत टिकूलहिया में संदीप के खेत से जनार्दन के खेत तक बंधा निर्माण कार्य पोर्टल पर 28 सितंबर को दर्ज किया गया था। इस कार्य के लिए सोमवार को कुल 82 श्रमिकों की हाजिरी लगाई गई, लेकिन मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं मिला। इसी तरह करमहिया गांव में सोनू के खेत से पूरब गंडक तक चकबंध कार्य के लिए 59 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की गई, जबकि वहां मौके पर गन्ने की फसल लहलहा रही थी और आसपास घास-फूस जमी थी।

इतना ही नहीं, करमहिया में ही मिश्राजी के खेत से उत्तर खदेरू के खेत तक चकबंध निर्माण के लिए भी 59 श्रमिकों की हाजिरी चढ़ाई गई, लेकिन वहां भी न तो मिट्टी का काम हुआ और न ही कोई प्रमाण मिला। रामचंद्रही गांव में भी दो अलग-अलग निर्माण कार्यों के लिए 148 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज कर भुगतान का रास्ता साफ किया गया, जबकि चकमार्गों पर भारी घास-फूस जमी हुई है।

स्थानीय लोगों और प्रशासन की प्रतिक्रिया

क्षेत्र के निवासी रमापति चौरसिया, दशरथ, बासदेव और त्रिलोकी चौधरी ने पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों और धरातल की हकीकत में भारी अंतर होने का दावा किया है। इन ग्रामीणों ने कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सरकारी धन के बंदरबांट को रोका जा सके।

इससे पूर्व भी जनपद में मनरेगा अनियमितता के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें परतावल और घुघली ब्लॉक में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस नए मामले पर डीसी मनरेगा गौरवेंद्र सिंह ने कहा कि, ‘जिन जगहों पर कार्य दिखाया गया है, वहां का स्थलीय निरीक्षण कर जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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