स्वास्थ्य कर्मियों का कार्य बहिष्कार
महाराजगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) निचलौल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया है। इस कार्य बहिष्कार के चलते स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
प्रमुख मांगें और कर्मचारियों का पक्ष
आंदोलनकारी कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। स्वास्थ्य कर्मियों की मुख्य मांगों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का नियमितीकरण करना।
- समान कार्य के लिए समान वेतन की व्यवस्था लागू करना।
- अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर वेतन विसंगतियों को दूर करना।
- ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी और कैशलेस चिकित्सा जैसी सुविधाएं प्रदान करना।
- सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना और गैर-जनपद स्थानांतरण पर रोक लगाना।
कर्मचारियों का आरोप है कि इतने वर्षों तक स्वास्थ्य विभाग को अपनी सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान बुनियादी लाभ और सेवा सुरक्षा से वंचित रखा गया है।
मरीजों को हो रही परेशानी
अस्पताल में ओपीडी और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं बाधित होने के कारण इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। जो मरीज दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से चिकित्सा सुविधा की उम्मीद में आए थे, उन्हें भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने अभी तक आंदोलन को समाप्त करने के लिए कोई आधिकारिक वार्ता की पुष्टि नहीं की है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।