Thursday, 17 September 2026 | पूर्वांचल संस्करण • कुशीनगर केंद्रबिंदु
🔴 24x7 लाइव न्यूज़ डेस्क
• कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, महराजगंज, गोपालगंज
हाइपरलोकल न्यूज़ प्लेटफॉर्म निष्पक्ष • प्रामाणिक • सबसे पहले

ले. जनरल श्रींजय प्रताप सिंह संभालेंगे ARTRAC, गोरखपुर का बढ़ा मान

🎙️ खबर सुनें (AI वॉइस रीडर)

गोरखपुर के गौरव ले. जनरल श्रींजय प्रताप सिंह को मिली नई जिम्मेदारी

भारतीय सेना में अपनी वीरता और रणनीति के लिए पहचाने जाने वाले गोरखपुर के सपूत, लेफ्टिनेंट जनरल श्रींजय प्रताप सिंह को शिमला स्थित सेना प्रशिक्षण कमान (ARTRAC) का नया जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि गोरखपुर और पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है।

वीरता और राष्ट्र सेवा की विरासत

लेफ्टिनेंट जनरल श्रींजय प्रताप सिंह का सैन्य करियर अत्यंत प्रभावशाली रहा है। वे सेना की प्रतिष्ठित 12 कुमाऊं रेजिमेंट से संबंधित हैं। इससे पूर्व, उन्होंने डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) के महानिदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं, जहां उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण मामलों में अपनी विशेषज्ञता सिद्ध की है। उनकी नियुक्ति का आधार उनका लंबा और अनुभव से भरा सैन्य कार्यकाल रहा है।

उनकी रगों में सेना के प्रति समर्पण की भावना विरासत में मिली है। उनके पिता, मेजर धीरेंद्र नाथ सिंह, 1965 के भारत-पाक युद्ध के नायक थे और उन्हें युद्ध के मैदान में अदम्य साहस के लिए ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया था। अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए श्रींजय प्रताप सिंह ने सेना को ही अपना कार्यक्षेत्र चुना और देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।

तीन पीढ़ियों का सैन्य योगदान

श्रींजय प्रताप सिंह का परिवार भारतीय सेना के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है। उनके बड़े भाई, लेफ्टिनेंट जनरल वीरेश प्रताप सिंह भी भारतीय सेना में एक वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं। यह देखना उल्लेखनीय है कि इस परिवार की तीन पीढ़ियां निरंतर देश की रक्षा और सेवा में योगदान दे रही हैं। एक ही परिवार से दो भाई लेफ्टिनेंट जनरल के पद तक पहुँचना और उच्च सैन्य कमान का नेतृत्व करना, पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

ARTRAC की नई कमान

सेना प्रशिक्षण कमान (ARTRAC) भारतीय सेना के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है, जो सेना की नीतियों, प्रशिक्षण रणनीतियों और भविष्य की युद्ध तकनीकों के विकास के लिए जिम्मेदार है। अब ले. जनरल श्रींजय प्रताप सिंह इस कमान का नेतृत्व करते हुए सेना के प्रशिक्षण मानकों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। उनकी नियुक्ति से सेना के आधुनिकीकरण और भविष्य की चुनौतियों से निपटने में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है।

(संवाददाता)

पूर्वांचल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क रिपोर्टर।

संबंधित और अन्य महत्वपूर्ण खबरें

✍️ अपनी राय दें (Leave a Comment)

आपका ईमेल पता सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।