दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर पुलिस ने बुलाई बैठक
कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली परिसर में आगामी दुर्गा पूजा और शारदीय नवरात्र को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। हाटा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक दीपक कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में स्थानीय दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारियों और नगर के गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया।
प्रशासन की गाइडलाइन का होगा कड़ाई से पालन
बैठक को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा के दौरान शासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन करना प्रत्येक समिति के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस और प्रशासन को समितियों का पूर्ण सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महकमा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है और त्योहार के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाएंगे।
समितियों की ओर से रखी गई महत्वपूर्ण मांगें
बैठक के दौरान दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष और सभासद मनीष कुमार रुंगटा ने आयोजकों और स्थानीय प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे। उन्होंने नवरात्र के पावन पर्व को देखते हुए नगर क्षेत्र में मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। साथ ही, त्योहार के दौरान नगर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का सुझाव दिया, ताकि श्रद्धालुओं और आम जनमानस को आवागमन में कोई असुविधा न हो। इसके अलावा, मेलों में ‘खोया-पाया’ विभाग स्थापित करने की भी मांग की गई, ताकि बच्चों और बड़ों के बिछड़ने की स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके।
बैठक में मौजूद रहे अधिकारी और प्रतिनिधि
इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी शिरकत की। बैठक में भाजपा नेता उदयभान कुशवाहा, व्यास ओझा और नगर पालिका से अजय प्रताप राव विशेष रूप से उपस्थित रहे। पुलिस विभाग की ओर से एसएसआई मनोज कुमार यादव और नगर चौकी इंचार्ज कमलेंद्र सिंह ने भी सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा की। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूजा पंडालों और विसर्जन के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे, ताकि कुशीनगर जिले का यह प्रमुख त्योहार आपसी भाईचारे और शांति के साथ संपन्न हो सके।