अजीबोगरीब मामला: मृत घोषित महिला की वापसी
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से एक अत्यंत चौंकाने वाला और रहस्यमयी मामला सामने आया है। सोनौली थाना क्षेत्र के बरगदही गांव की रहने वाली एक महिला, जिसे उसके परिजनों ने पांच साल पहले मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वह 28 अगस्त 2026 को अचानक जीवित अपने घर वापस लौट आई। इस घटना ने न केवल ग्रामीणों को बल्कि स्थानीय पुलिस को भी गहरे असमंजस में डाल दिया है।
क्या है पूरा घटनाक्रम
मिली जानकारी के अनुसार, महिला मंदबुद्धि थी और काफी समय पहले अपने पति द्वारा छोड़े जाने के बाद से घर से भटक गई थी। 1 अप्रैल 2021 को कोल्हुई थाना क्षेत्र के लबदहा गांव में एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। अगले दिन, 2 अप्रैल 2021 को, बरगदही निवासी गमला देवी ने पुलिस को बताया कि वह शव उनकी बहन इशरावती का है। गमला देवी ने कपड़ों और चप्पलों के आधार पर शव की पहचान की थी। इसके बाद परिजनों ने विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार और क्रिया-कर्म संपन्न कर दिया था।
कैसे हुआ खुलासा
परिजनों के अनुसार, इशरावती भटकते हुए कोलकाता पहुंच गई थी, जहां उसे एक संस्था ने संरक्षण दिया। हाल ही में, जब उसकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ और वह अपना नाम-पता बताने में सक्षम हुई, तो उक्त संस्था ने उसे 28 अगस्त को उसके घर वापस पहुंचा दिया। महिला के घर पहुंचने के बाद अब इलाके में यह चर्चा का विषय बन गया है कि 2021 में जिस महिला का अंतिम संस्कार इशरावती समझकर किया गया था, वह आखिर कौन थी।
पुलिस के लिए अब भी पहेली
वर्ष 2021 में मिली उस अज्ञात महिला की मौत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘सेप्टिसीमिया शॉक’ के कारण होना बताया गया था, जिसे एक स्वाभाविक मौत माना गया था। अब जबकि जिस महिला को मृत समझा गया था, वह स्वयं सामने आ गई है, तो उस अज्ञात शव की पहचान का मुद्दा एक बड़ी कानूनी और प्रशासनिक पहेली बन गया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब उन पुरानी फाइलों को खंगालने की तैयारी में है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि 2021 में अंतिम संस्कार जिस महिला का किया गया था, उसकी वास्तविक पहचान क्या थी। स्थानीय लोग इस घटना को किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।