घटना का पूरा विवरण
महाराजगंज जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां पिपरा बाबू गांव स्थित शिव मंदिर के पास एक तालाब में महिला का शव उतराया हुआ मिला। मृतका की पहचान दुर्गावती के रूप में हुई है, जो कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया थाना अंतर्गत सेखई गांव की रहने वाली थी। जानकारी के अनुसार, दुर्गावती अपनी बड़ी बेटी बिंदु के साथ रहती थी और बुधवार को वह बिना बताए घर से निकल गई थी।
परिजनों ने बताया कि महिला का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं था और वह पहले भी कई बार घर से बिना बताए कहीं चली जाती थी। बुधवार को जब वह देर रात तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। बृहस्पतिवार की सुबह ग्रामीणों ने पिपरा बाबू गांव के तालाब में शव को देखा और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को तालाब से बाहर निकलवाया और कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। सदर कोतवाल धर्मेंद्र सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शव की शिनाख्त परिजनों द्वारा की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। अभी तक मौत के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चला है, जिसके लिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
मामले की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में पुलिस इस घटना की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतका के पति की मृत्यु पहले ही हो चुकी है और उनकी दोनों बेटियां, बिंदु और इंदू, विवाहित हैं। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और प्रथम दृष्टया यह मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण घर से निकलने का मामला प्रतीत हो रहा है। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह सामने आ पाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों पर असर
इस घटना से पिपरा बाबू गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह जब ग्रामीण तालाब की तरफ गए, तो शव देखकर हड़कंप मच गया। पुलिस ने ग्रामीणों से घटना के संबंध में पूछताछ की है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि की जा सके। फिलहाल, इलाके में शांति है और पुलिस मामले की बारीकी से जांच में जुटी है।