घटना का पूरा विवरण
महराजगंज जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पकड़ी जंगल में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ नाला पार करते समय एक महिला और उसके दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतका पूनम देवी (48) मंगलवार शाम अपने आठ वर्षीय बेटे विपिन और छह वर्षीय बेटी सुहानी के साथ घर लौट रही थीं। बोकड़ा देवी स्थान के पास स्थित नदाव नाले पर पुल न होने के कारण उन्हें पैदल ही नाला पार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में वर्ष 1998 की भीषण बाढ़ में लकड़ी का बना पुराना पुल बह गया था। पिछले 28 वर्षों से लगभग तीन हजार की आबादी वाला यह इलाका आवागमन के लिए केवल नाव पर निर्भर है। मंगलवार शाम छह बजे नाव का संचालन बंद हो जाने के कारण पूनम देवी को पैदल नाला पार करने का जोखिम उठाना पड़ा, जिस दौरान वे गहरे कुंड में गिर गईं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
बुधवार को भैंस चराने गए स्थानीय लोगों ने नाले में शव देखे, जिसके बाद हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने पुष्टि की है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पूनम देवी और उनके दोनों बच्चों की मौत डूबने से होना पाया गया है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। प्रशासन की उपस्थिति में बुधवार देर रात त्रिमुहानी घाट पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।
स्थानीय लोगों पर असर और पुल की मांग
इस दुखद घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है। बरवा राजा गांव के प्रतिनिधि रामसवारे यादव ने बताया कि नाला काफी गहरा है और वनटांगिया ग्रामीण लंबे समय से एक स्थायी पुल और संपर्क मार्ग की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को कई बार ज्ञापन भी सौंपा है। नदाव नाले पर पुल न होने से तीन हजार ग्रामीणों की सुरक्षा खतरे में बनी हुई है, और शाम छह बजे के बाद नाव सेवा बंद होने से लोगों को जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड़ता है।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल, प्रशासन की ओर से अभी तक पुल निर्माण को लेकर कोई नई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इन तीन मौतों ने वर्षों पुरानी पुल निर्माण की मांग को एक बार फिर जोर दे दिया है। स्थानीय प्रशासन ने घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता बरतने की सलाह दी है और मामले की जांच जारी है।