छात्रों की बुनियादी समस्याओं पर अभाविप का प्रदर्शन
लखनऊ विश्वविद्यालय में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। छात्रों की विभिन्न शैक्षणिक और मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अभाविप कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में नारेबाजी की और कुलपति कार्यालय का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है, जिससे छात्रों में गहरा रोष व्याप्त है।
फीस वृद्धि और सुविधाओं का अभाव
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का मुख्य आरोप है कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक शुल्क और छात्रावास फीस में निरंतर वृद्धि की जा रही है, लेकिन इसके अनुपात में छात्रों को आधारभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अभाविप कार्यकर्ताओं के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर के भीतर कक्षाओं में बैठने के लिए बेहतर सीटें, पर्याप्त प्रकाश और पंखों की व्यवस्था तक नहीं है। इसके अलावा, छात्रों ने शुद्ध पेयजल और स्वच्छ शौचालयों की कमी पर भी सवाल उठाए हैं।
छात्रावासों की बदहाली का मामला
प्रदर्शन में विशेष रूप से छात्रावासों की दयनीय स्थिति का मुद्दा उठाया गया। महमूदाबाद छात्रावास के छात्र मयंक शर्मा ने आरोप लगाया कि मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिसके चलते छात्र बीमार हो रहे हैं। वहीं, कैलाश महिला छात्रावास की छात्राओं ने भी बदतर स्वच्छता और सुरक्षा संबंधी चिंताएं व्यक्त कीं। छात्राओं का कहना है कि वॉशरूम के दरवाजे खराब हैं और वहां सफाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और वर्तमान स्थिति
हंगामे की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर राकेश कुमार द्विवेदी मौके पर पहुंचे और छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, आक्रोशित छात्रों ने प्रॉक्टर से बात करने के बजाय सीधे कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी से संवाद करने की जिद की। अभाविप कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और द्वितीय परिसर में प्रशासनिक भवन का निर्माण शुरू नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। फिलहाल, विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन इस मामले पर विचार करने का आश्वासन दे रहा है।