नारायणी तट पर विज्ञान का महाकुंभ
कुशीनगर जिले की तमकुहीराज तहसील स्थित पिपरा घाट (रकबा जंगलीपट्टी) पर रविवार को राष्ट्रीय स्तर की IN-SPACE नारायणी रॉकेट्री कप-2026 प्रतियोगिता का भव्य आगाज हुआ। इस आयोजन ने स्थानीय स्तर पर अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति एक नई अलख जगाई है, जहां देश भर के युवा वैज्ञानिकों ने अपने स्वदेशी मॉडल रॉकेट और कैनसेट (CanSat) का सफल प्रक्षेपण कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कार्यक्रम के पहले दिन एक मॉडल रॉकेट और 19 कैनसेट का आसमान में सफल उड़ान भरना आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।
तकनीकी प्रदर्शन और विशेषज्ञों की उपस्थिति
प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने रॉकेट के डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, पेलोड क्षमता और तकनीकी सुरक्षा मानकों का बारीकी से प्रदर्शन किया। भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार गोयनका ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि भारत के अंतरिक्ष इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए ऐसी व्यावहारिक प्रतियोगिताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को मिशन डिजाइन और जटिल तकनीकी संचालन की बारीकियां सीखने पर जोर दिया।
पूर्वांचल के लिए नवाचार की नई राह
देवरिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा कि ‘अमृत प्रयास’ के तहत नारायणी नदी के तट पर आयोजित यह कार्यक्रम पूर्वांचल के लिए एक मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष तकनीक को केवल किताबों तक सीमित न रखकर ग्रामीण विकास, कृषि और स्थानीय समस्याओं के समाधान से जोड़ने की आवश्यकता है। यह प्रतियोगिता वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भविष्य के वैज्ञानिकों को राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार कर रही है।
प्रतियोगिता के प्रमुख आंकड़े
- प्रतिभागी टीमें: देशभर से कुल 76 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
- श्रेणियां: 28 मॉडल रॉकेट्री और 48 कैनसेट टीमें।
- भागीदारी: लगभग 608 छात्र और 150 शिक्षक व मेंटर्स शामिल हैं।
- प्रमुख उपस्थित: इसरो के पूर्व एसोसिएट रॉय एम. चेरियन, डॉ. सुरेंद्र पाल और SSDF के निदेशक मनीष बजाज।
प्रतियोगिता में शामिल युवाओं ने सेंसर तकनीक और डेटा विश्लेषण के माध्यम से अपने प्रयोगों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। आयोजन स्थल पर मौजूद वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की टीम ने प्रतिभागियों के नवाचारों का बारीकी से मूल्यांकन किया। इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में वैज्ञानिक वातावरण निर्मित हुआ है, जो स्थानीय युवाओं को अंतरिक्ष क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।