सोशल मीडिया के दौर में सत्य की चुनौती पर सीएम योगी का संबोधन
गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक युग में बढ़ती भ्रामक सूचनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने ‘सत्य’ और ‘असत्य’ के बीच एक तीसरी स्थिति, ‘अर्धसत्य’ की पैदा कर दी है, जो कभी भी पूर्ण सत्य नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आज विज्ञान ने अभूतपूर्व प्रगति की है, लेकिन जीवन में स्थायी शांति की खोज में विश्व की पूरी मानवता आज भी भारत भूमि की ओर ही देख रही है। उन्होंने कहा कि मन, वचन और कर्म में एकरूपता न रहने के कारण ही समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है, और यही भ्रम व्यक्ति को लक्ष्य से भटका देता है।
श्रीमद्भागवत कथा: ज्ञान, भक्ति और निष्काम कर्म का संगम
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 5,000 वर्षों पुरानी श्रीमद्भागवत महापुराण की परंपरा सनातन संस्कृति की वह विरासत है जिसने कठिन से कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना किया है। यह कथा मनुष्य के जीवन के उद्देश्य और रहस्यों को समझने में मार्गदर्शन करती है तथा अज्ञानता के अंधकार से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।
कथा के आयोजन का विवरण
- मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- कथा व्यास: मलूकपीठाधीश्वर श्रीमदजगद्गुरु द्वाराचार्य स्वामी श्री राजेंद्रदास जी महाराज
- आयोजन स्थल: दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार, गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर
- समयावधि: कथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होगी
- समापन तिथि: 29 सितंबर 2026
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शोभायात्रा और आयोजन
कथा ज्ञानयज्ञ के शुभारंभ से पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मुख्य मंदिर से कथा स्थल तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शंख ध्वनि और वेदपाठी विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महापुराण को कथा स्थल तक लाया गया।
इस अवसर पर अयोध्या के अनेक प्रमुख संत, जिनमें जगद्गुरु स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य, स्वामी राघवाचार्य, और महंत राजू दास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ का पूजन कर आयोजन की विधिवत शुरुआत की। यह आयोजन ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।