महाराजगंज में बाढ़ का कहर: अधिकारियों की टीम रास्ते में फंसी
महाराजगंज जिले के निचलौल तहसील क्षेत्र में बाढ़ के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। शनिवार को सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा समेत आसपास के बाढ़ प्रभावित गांवों में स्थिति का जायजा लेने के लिए तहसील प्रशासन की एक टीम रवाना हुई थी। हालांकि, राहत और बचाव कार्यों के लिए निकली यह टीम खुद ही प्राकृतिक बाधाओं के चलते मुसीबत में पड़ गई। जंगल मार्ग और रोहुआ नाला पार करने के दौरान अधिकारियों की गाड़ी कीचड़ और जलभराव में फंस गई, जिससे प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
ग्रामीणों ने की मदद, ट्रैक्टर-ट्रॉली से पहुंचाया गांव
अधिकारियों की गाड़ी के फंसने के बाद स्थानीय ग्रामीण सहायता के लिए आगे आए। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली की व्यवस्था की, जिसके माध्यम से प्रशासन के दल को सुरक्षित रूप से प्रभावित गांवों तक पहुँचाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर पहुंची टीम के पास शुरुआत में राहत सामग्री उपलब्ध नहीं थी, जिसे लेकर ग्रामीणों में असंतोष देखा गया। बाद में, देर शाम तक पंचायत भवन में प्रभावितों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था की गई। एसडीएम अवनीश त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन राहत कार्यों को लेकर गंभीर है और प्रभावित लोगों के लिए भोजन-पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
बिजली और संसाधनों का भारी संकट
बाढ़ प्रभावित दियारा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। वैकल्पिक बिजली व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, घरों में लगे सोलर पैनल भी खराब हो चुके हैं। शनिवार को दिनभर घने बादल छाए रहने और धूप न निकलने के कारण बचे हुए सोलर पैनल भी चार्ज नहीं हो सके। बिजली न होने से मोबाइल फोन चार्ज करने और अन्य जरूरी दैनिक कार्यों में भारी परेशानी हो रही है, जिससे विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की कठिनाइयां बढ़ गई हैं। प्रशासन अब प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की योजना बना रहा है।