महराजगंज में धान खरीद की तैयारियां पूरी
महराजगंज जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत धान की सरकारी खरीद सोमवार, 2 नवंबर 2026 से विधिवत शुरू हो रही है। किसानों की उपज को समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करने के लिए जिले भर में कुल 180 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिला प्रशासन ने खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी अमित चौधरी ने पुष्टि की है कि सभी केंद्रों पर सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए केंद्रवार नोडल अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी खरीद प्रक्रिया की निगरानी करना और किसी भी समस्या का त्वरित समाधान करना होगा।
किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं और निर्देश
प्रशासन ने सभी क्रय केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं को अनिवार्य कर दिया है। केंद्रों पर किसानों के बैठने के लिए समुचित व्यवस्था और पेयजल की सुविधा उपलब्ध रहेगी। धान की गुणवत्ता जांचने के लिए नमी मापक यंत्र, पंखे और झरना जैसे आवश्यक उपकरण भी केंद्रों पर उपलब्ध करा दिए गए हैं ताकि किसानों को उपज बेचने में कोई परेशानी न हो।
कृषि विभाग के अनुसार, धान की बिक्री के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है। किसान खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल या ‘यूपी किसान मित्र’ ऐप के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फार्मर रजिस्ट्री के विवरण के अनुसार ही पंजीकरण करें। यदि किसी किसान की रजिस्ट्री अभी नहीं बनी है, तो वे सक्रिय मोबाइल नंबर पर ओटीपी के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
भुगतान और केंद्रवार विवरण
शासन की नीति के अनुसार, धान के समर्थन मूल्य का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा। इसके लिए किसानों को अपने बैंक खातों को आधार से लिंक कराना और एनपीसीआई (NPCI) मैपिंग कराना अनिवार्य है। जिले में धान का समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
क्रय केंद्रों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
- खाद्य विभाग: 44 केंद्र
- पीसीएफ (PCF): 52 केंद्र
- पीसीयू (PCU): 56 केंद्र
- यूपीएसएस (UPSS): 22 केंद्र
- मंडी समिति: 4 केंद्र
- एफसीआई (FCI): 2 केंद्र
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे समय से अपना पंजीकरण पूर्ण करें और अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी केंद्र पर पहुंचकर उपज विक्रय करें। धान खरीद की इस प्रक्रिया पर जिला स्तरीय अधिकारियों की कड़ी नजर रहेगी ताकि निर्धारित मानकों के अनुरूप ही खरीद कार्य संपन्न हो सके।