सड़क न होने से तरकुलवा तिवारी के ग्रामीण परेशान
महाराजगंज जिले के परतावल विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तरकुलवा तिवारी के केवटान टोले में रहने वाले करीब 200 लोगों की जीवनशैली एक कठिन संघर्ष में तब्दील हो गई है। यहाँ रहने वाले 25 परिवारों के लिए मुख्य मार्ग तक जाने का कोई पक्का रास्ता नहीं है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जहाँ पूरा रास्ता घुटने तक पानी और कीचड़ में डूब जाता है।
स्कूल जाने वाले बच्चों और मरीजों पर भारी मुसीबत
इस टोले के निवासियों को दैनिक आवश्यकताओं, जैसे राशन, दवा और बाज़ार जाने के लिए इसी घुटने भर पानी से होकर गुज़रना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है, जो अपनी ड्रेस घुटनों तक मोड़कर और बस्ता सिर पर रखकर स्कूल जाने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, स्वास्थ्य आपातकाल (मेडिकल इमरजेंसी) के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। एम्बुलेंस के गाँव तक न पहुँच पाने के कारण मरीजों को चारपाई पर लादकर कंधे के सहारे पानी से पार कराना पड़ता है।
प्रशासन का क्या है कहना
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें ‘भूमि के अभाव’ का हवाला देकर टाल दिया गया। अब इस मामले पर परतावल के खंड विकास अधिकारी (BDO) कृष्णकांत शुक्ला ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मामले का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम रास्ते के लिए भूमि की शिनाख्त कर उसे कार्य प्रस्ताव में शामिल किया जाएगा ताकि ग्रामीणों को इस समस्या से स्थाई राहत मिल सके।
स्थानीय लोगों का दर्द
सनोज साहनी, कमल, मुराली और लालबचन समेत कई ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठाए हैं। वर्षों से जारी इस समस्या के चलते न केवल उनका दैनिक जीवन बाधित हो रहा है, बल्कि स्वास्थ्य और शिक्षा के मोर्चे पर भी वे पिछड़ रहे हैं। ग्रामीण अब उम्मीद कर रहे हैं कि खंड विकास अधिकारी का आश्वासन जल्द ही धरातल पर उतरेगा और उन्हें कीचड़ व जलभराव से मुक्ति मिलेगी।