सलेमगढ़ में विकास कार्य के बीच यातायात का संकट
कुशीनगर के राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर सलेमगढ़ में निर्माणाधीन ओवरब्रिज का कार्य स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। शनिवार को महज दस घंटे की अवधि में 17 बार जाम लगने की स्थिति पैदा हुई, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। निर्माण कार्य के दौरान बरती जा रही लापरवाही के कारण सर्विस रोड की स्थिति बेहद बदहाल हो गई है।
गड्ढों और कीचड़ से जूझ रहे वाहन चालक
हल्की बारिश ने सर्विस रोड की खस्ताहाल स्थिति को और गंभीर बना दिया है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे अब कीचड़ में तब्दील हो चुके हैं, जिससे फिसलन का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरब्रिज निर्माण के लिए लाई गई मिट्टी बारिश के पानी के साथ सड़क पर फैल रही है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सर्विस रोड पर वाहनों की लंबी कतारें रेंगती नजर आईं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल
स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करने से पहले सर्विस रोड को सुचारु बनाने और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई। जल्दबाजी में शुरू किए गए इस काम का खामियाजा अब राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। निर्माण एजेंसी ने सुरक्षा मानकों और यातायात प्रबंधन को लेकर जो दावे किए थे, वे धरातल पर नदारद दिख रहे हैं।
प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग
जनता अब संबंधित अधिकारियों से जवाब मांग रही है कि विकास के नाम पर उन्हें कब तक इस जोखिम और परेशानी के बीच रहना होगा। मांग उठाई जा रही है कि जिम्मेदार विभाग तुरंत मौके का निरीक्षण करें और सर्विस रोड की मरम्मत के साथ ही कीचड़ व गड्ढों को हटाने के ठोस कदम उठाएं। जब तक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक यातायात को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाने अनिवार्य हैं ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।