मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण
कुशीनगर में नारायणी नदी के जलस्तर में हुई अप्रत्याशित वृद्धि और तटबंध में हुए कटान के चलते उत्पन्न संकट के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को जिले में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने जनपद की सीमा में प्रवेश करते ही सर्वप्रथम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और क्षतिग्रस्त तटबंध का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इसके पश्चात, वे सड़क मार्ग से जवही दयाल गांव स्थित राहत शिविर में पहुंचे और वहां शरण लिए हुए बाढ़ पीड़ितों से सीधे संवाद किया।
राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा की इस घड़ी में प्रत्येक प्रभावित परिवार को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता दी जाए। जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में एनडीआरएफ की दो और एसडीआरएफ की दो टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। इसके साथ ही पीएसी की फ्लड यूनिट को भी प्रभावित गांवों में तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके नुकसान की भरपाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राहत शिविरों में गुणवत्तापूर्ण भोजन, शुद्ध पेयजल और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री द्वारा की गई मुख्य घोषणाएं निम्नलिखित हैं:
- बाढ़ के कारण जनहानि होने पर पीड़ित परिजनों को तत्काल चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- पूरी तरह से नष्ट हुए मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा।
- फसल क्षति का सर्वे 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा ताकि किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।
- आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी नियमानुसार सहायता राशि दी जाएगी।
स्वास्थ्य सुरक्षा और भविष्य की कार्ययोजना
बाढ़ का पानी उतरने के बाद संभावित जलजनित बीमारियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अगले पांच से छह दिनों तक निरंतर स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही, नारायणी नदी के स्थायी समाधान के लिए सिंचाई विभाग को ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में तटबंधों को सुरक्षित रखा जा सके। इस दौरे के दौरान सिंचाई मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, स्थानीय सांसद, विधायक एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।