महराजगंज: विकासखंड परतावल में ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन
महराजगंज जिले के विकासखंड परतावल अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत तरकुलवा तिवारी के केवटान टोले के निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एक अलग रास्ता चुना है। मंगलवार को केवटान टोले के करीब 200 ग्रामीणों ने गांव में जलभराव के बीच घुटने भर पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 78 साल बीत जाने के बाद भी उनके टोले तक पहुंचने के लिए कोई पक्का सरकारी रास्ता नहीं है।
रास्ते के अभाव में खेत की पगडंडी ही एकमात्र सहारा
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनके टोले में लगभग 25 घर हैं, जहां की आबादी 200 से अधिक है। मुख्य सड़क से टोले की दूरी केवल 100 मीटर है, लेकिन इस छोटे से फासले को तय करने के लिए भी ग्रामीणों को निजी खेतों की पगडंडियों से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश के मौसम में खेत की ये पगडंडियां पूरी तरह जलमग्न हो जाती हैं, जिससे ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का बाहर निकलना दूभर हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से केवल कोरे आश्वासन ही मिले हैं।
प्रशासन और प्रतिनिधियों से गुहार के बाद भी नहीं हुआ समाधान
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों—जिनमें सनोज साहनी, भोला साहनी, सुनील साहनी, पूनम देवी, चनिया देवी और सोनिया देवी प्रमुख थे—ने बताया कि उन्होंने रास्ते की समस्या के समाधान के लिए ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, बीडीओ (खंड विकास अधिकारी) से लेकर स्थानीय विधायक और सांसद तक को लिखित शिकायतें सौंपी हैं। ग्रामीणों के अनुसार, हर स्तर पर उन्हें केवल यह कहकर टरका दिया जाता है कि रास्ते के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों ने दी संघर्ष जारी रखने की चेतावनी
घुटने भर पानी में खड़े होकर विरोध जताते हुए ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके टोले के लिए स्थाई और सुगम रास्ते का निर्माण नहीं किया जाता, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा। जलभराव के बीच खड़े होकर अपना दुख बयां करते हुए स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल मौके का मुआयना करने और समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। इस प्रदर्शन ने इलाके के प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को फिर से उजागर कर दिया है।