बाढ़ के बाद स्कूलों में पसरा मलबा, सफाई में जुटे कर्मचारी
महाराजगंज जिले के निचलौल तहसील अंतर्गत सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया तेज हो गई है। रविवार को प्रशासन ने प्राथमिकता के आधार पर प्रभावित प्राथमिक विद्यालयों में सफाई अभियान शुरू किया। बाढ़ के कारण इन स्कूलों के कमरों में करीब एक फुट तक कीचड़ और मलबा जमा हो गया था, जिसे हटाने के लिए सफाई कर्मचारियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
प्रशासन की निगरानी में सफाई कार्य
लगभग 20 हजार की आबादी वाले इन क्षेत्रों में सरकारी भवन, पंचायत भवन और विद्यालयों को बाढ़ ने बुरी तरह प्रभावित किया था। रविवार को शिकारपुर के टोला धरमपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। ग्राम सचिव ने मौके पर उपस्थित रहकर पूरे सफाई कार्य की निगरानी की। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि सोमवार से विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य फिर से सुचारु रूप से शुरू किया जा सके ताकि बच्चों की पढ़ाई का और अधिक नुकसान न हो।
बाढ़ का कारण और प्रशासनिक सर्वे
सोहगीबरवा क्षेत्र में 25 सितंबर के बाद से ही बाढ़ का संकट गहरा गया था। नेपाल की पहाड़ियों पर हुई भारी बारिश, स्थानीय नदियों के जलस्तर में वृद्धि और गंडक बैराज से छोड़े गए पानी के कारण गांवों में तबाही हुई थी। तहसीलदार अमित कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, अब नुकसान का आकलन करने के लिए विभिन्न विभागों की टीमें गठित की जा रही हैं।
- घरों को हुई क्षति का सर्वे।
- फसलों और पशुधन को हुए नुकसान का ब्योरा।
- घरेलू सामान और जरूरी दस्तावेजों की हानि का आकलन।
- बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री का निरंतर वितरण।
तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा और राहत सुविधाएं दिलाने के लिए जल्द से जल्द सर्वे रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी। सफाई कार्य के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी प्रभावित गांवों में सक्रिय हैं ताकि जलभराव से उत्पन्न होने वाली बीमारियों को नियंत्रित किया जा सके।