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महाराजगंज: सीएचओ का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी, सात मांगें लंबित

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महाराजगंज में सीएचओ का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी

महाराजगंज जिले के फरेंदा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बनकटी में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों (CHO) का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में लामबंद हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक उनका यह आंदोलन अनवरत चलता रहेगा।

सात प्रमुख मांगों को लेकर कर्मचारी लामबंद

एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शुरू हुए इस आंदोलन में सीएचओ ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के समक्ष अपनी सात सूत्रीय मांगें रखी हैं। प्रदर्शनकारी स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि वर्ष 2024 में हुए पिछले आंदोलन के दौरान शासन ने उनकी मांगों पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस उदासीनता के कारण संगठन के सदस्यों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

  • सीएचओ के लिए स्थायी कैडर का गठन और नियमितीकरण की स्पष्ट नीति लागू करना।
  • आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की ऑपरेशनल गाइडलाइन के अनुसार मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करना।
  • प्रदेश स्तर पर मासिक मानदेय में समानता लाना।
  • नियमित स्वास्थ्य भर्ती प्रक्रियाओं में अनुभव के आधार पर वरीयता प्रदान करना।
  • रिक्त पदों पर स्थानांतरण की सुविधा देना।
  • स्वास्थ्य बीमा का लाभ और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।

अधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन

आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए संगठन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन निदेशक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को विस्तृत पत्र भेजकर अपनी मांगों की याद दिलाई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे जनस्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन अपनी वाजिब मांगों की अनदेखी को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं पर असर और भविष्य की रणनीति

फरेंदा के बनकटी स्वास्थ्य केंद्र पर चल रहे इस प्रदर्शन के कारण स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। धरने पर बैठे कर्मियों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द ही वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया और मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वर्तमान में, सभी सीएचओ पूरी तरह से कार्य बहिष्कार कर अपनी एकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या वार्ता का प्रस्ताव सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिसके चलते सीएचओ ने अपने आंदोलन को जारी रखने का संकल्प लिया है।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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