महाराजगंज में लेखपालों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार जारी
महाराजगंज जिले के नौतनवा तहसील में विभिन्न मांगों को लेकर लेखपालों का आंदोलन लगातार 16वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को 27 हल्कों के लेखपालों ने पूरी तरह से कार्य बहिष्कार किया, जिससे राजस्व और प्रशासनिक कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। आंदोलन को और तेज करते हुए, लेखपाल संघ ने अब बृहस्पतिवार से अपने-अपने हलकों के सभी ऑनलाइन कार्यों का भी पूरी तरह से बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
आंदोलन की मुख्य मांगें और कारण
लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि संघ की मांगें लंबे समय से लंबित हैं और पूरी तरह से न्यायसंगत हैं। लेखपालों की प्रमुख मांगों में अंतरमंडलीय स्थानांतरण, समयबद्ध विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) का गठन, वाहन भत्ते में वृद्धि और ग्रेड पे में बदलाव शामिल हैं। इन मांगों को लेकर प्रशासन के साथ अब तक हुई वार्ता बेनतीजा रही है, जिसके चलते लेखपालों ने विरोध प्रदर्शन का रुख अख्तियार किया है।
जनता पर पड़ रहा सीधा असर
लेखपालों के इस लगातार जारी विरोध प्रदर्शन का खामियाजा सीधा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। नौतनवा क्षेत्र के स्थानीय निवासी राजस्व संबंधी कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के सत्यापन से लेकर भूमि पैमाइश तक के कार्य ठप पड़े हैं। कई नागरिक अपने जरूरी कामों के लिए इधर-उधर भटकने को विवश हैं, क्योंकि लेखपालों के कार्य पर न होने से फाइलों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
प्रशासनिक स्थिति और आगामी रुख
फिलहाल, 27 हलकों के प्रभावित होने के कारण राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पूरी तरह से प्रभावित है। बृहस्पतिवार से ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार शुरू होने के बाद प्रदेश सरकार के डिजिटल पोर्टल पर भी इसका असर दिखने की संभावना है। लेखपाल संघ का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे आंदोलन को और अधिक तीव्र करने के लिए बाध्य होंगे। प्रशासन की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।