बैंकों के ऋण-जमा अनुपात में सुधार
महराजगंज जिले में बैंकिंग सेवाओं और ऋण वितरण की स्थिति में सकारात्मक प्रगति दर्ज की गई है। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को आयोजित जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति एवं जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक में साझा की गई जानकारी के अनुसार, जिले का ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) बढ़कर 73 प्रतिशत हो गया है। जून 2026 में यह आंकड़ा 72.63 प्रतिशत था, जो अब और बेहतर हुआ है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सितंबर माह तक के आंकड़ों के अनुसार जिले के बैंकों में कुल 9823.70 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। इसके सापेक्ष बैंकों ने 7171.19 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया है। यह प्रदर्शन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा निर्धारित 60 प्रतिशत के मानक और उत्तर प्रदेश के औसत 55.97 प्रतिशत से काफी अधिक है, जो जिले की आर्थिक सक्रियता को दर्शाता है।
वार्षिक ऋण योजना और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन
वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना की समीक्षा में स्पष्ट हुआ कि सितंबर तक निर्धारित लक्ष्य का 43.93 प्रतिशत हासिल कर लिया गया है। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक भूपेंद्र मिश्रा ने जिले में चल रही विभिन्न ऋण योजनाओं, कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान: इस योजना के तहत जिले में अब तक 605 लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र युवाओं के ऋण आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
- वित्तीय समावेशन अभियान: केंद्र सरकार के 21 अक्तूबर से 31 दिसंबर तक चलने वाले ‘वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान’ के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे।
वित्तीय साक्षरता और सेवाओं का विस्तार
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वित्तीय साक्षरता शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा, जिन जनधन खातों को निष्क्रिय घोषित कर दिया गया है, उनकी री-केवाईसी (Re-KYC) प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
इस समीक्षा बैठक में आरबीआई के एजीएम सुधीर पांडेय, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक विवेक तिवारी, उपायुक्त उद्योग नीरज सिंह, उप कृषि निदेशक संजीव कुमार और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एजाज सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि छोटे और सीमांत किसानों को संस्थागत ऋण सुविधा उपलब्ध कराना आगामी महीनों में प्राथमिकता बनी रहेगी।