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कुशीनगर: आरपीएन सिंह के हस्तक्षेप पर रेलवे ने कबूला टेक्निकल फॉल्ट, मिलेगा समाधान

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कुशीनगर में अंडरपास जलभराव पर सांसद का सख्त रुख

पडरौना रेलवे अंडरपास में जलजमाव की गंभीर समस्या को लेकर राज्यसभा सांसद कुंवर आरपीएन सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए, सांसद ने रेलवे के उच्च अधिकारियों के साथ इस विषय पर उच्च स्तरीय वार्ता की। सांसद के हस्तक्षेप के बाद रेलवे अभियंताओं ने निर्माण में तकनीकी खामियों को स्वीकार किया है और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।

तकनीकी खामी स्वीकार, तीन सप्ताह में होगा सुधार

राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह ने वाराणसी के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय और गोरखपुर स्थित पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों से इस मामले में विस्तृत चर्चा की। बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे अंडरपास में जलभराव के कारण आम जनता और राहगीरों को हो रही असुविधा किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। सांसद के कड़े निर्देशों के बाद रेलवे प्रशासन ने निर्माण कार्य में तकनीकी खामी (टेक्निकल फॉल्ट) को स्वीकार किया है।

रेलवे अधिकारियों ने सांसद को आश्वस्त किया है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेष तकनीकी टीम को काम पर लगा दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने कार्य को पूरा करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा है। इस दौरान अंडरपास की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक निर्माण कार्य किए जाएंगे ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो।

जनप्रतिनिधि की जवाबदेही और स्थानीय मांग

कुंवर आरपीएन सिंह ने इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘पडरौना रेलवे अंडरपास की समस्या के समाधान के लिए मैंने सीधे रेलवे के उच्चाधिकारियों से जवाबदेही तय की है। जनता को सुविधा देना हमारी प्राथमिकता है और रेलवे को इस कार्य में और देरी नहीं करनी चाहिए।’

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चों, दुकानदारों और आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। सांसद के हस्तक्षेप से अब लोगों को उम्मीद है कि तीन सप्ताह के भीतर उन्हें इस समस्या से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी। वर्तमान में रेलवे की तकनीकी टीम द्वारा प्रारंभिक सर्वेक्षण और सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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