शारदीय नवरात्र की शुरुआत, महराजगंज के मंदिरों में रौनक
महराजगंज जिले में आज, 11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्र की पावन शुरुआत हो गई है। अगले 10 दिनों तक पूरे जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में दुर्गा सप्तशती के मंत्र गूंजेंगे और भक्तों का तांता लगा रहेगा। नवरात्र को लेकर जिले के सभी प्रमुख देवी मंदिरों, जिनमें बनरसिया देवी, पोखरभिंडा काली मंदिर और ऐतिहासिक इटहिया देवी मंदिर शामिल हैं, में विशेष सफाई और आकर्षक साज-सज्जा की गई है।
ज्योतिषाचार्य पं. विंध्यवासिनी पांडेय के अनुसार, इस वर्ष मां भगवती का आगमन हाथी की सवारी पर हो रहा है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा आज अपने घरों में अभिजित मुहूर्त में घट स्थापना की जाएगी। इस बार की नवरात्र तिथियों में सप्तमी दो दिन की पड़ रही है, जिसके चलते अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन और हवन संपन्न होंगे।
शक्तिपीठ मां लेहड़ा मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध
फरेंदा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां लेहड़ा देवी मंदिर को नवरात्र के मद्देनजर दुल्हन की तरह सजाया गया है। यह मंदिर न केवल अपनी धार्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है, बल्कि इसका संबंध महाभारत काल से भी माना जाता है। किंवदंती है कि पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान यहां पूजा-अर्चना की थी, जिसके बाद से यहां चुनरी चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है।
मंदिर के पुजारी संतोष पांडेय ने बताया कि मां लेहड़ा के दर्शन के लिए महराजगंज के अलावा गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, देवरिया और पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- मंदिर परिसर के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं को तैनात किया गया है।
- विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए महिला स्वयंसेवियों की तैनाती की गई है।
- स्थानीय प्रशासन भी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए है।
मंदिर प्रशासन ने सभी दर्शनार्थियों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। अगले नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विशेष पूजा और अनुष्ठान का क्रम जारी रहेगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।