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कुशीनगर: इफको ने मथौली बाजार में आयोजित की किसान संगोष्ठी

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इफको द्वारा रिफॉर्म उत्सव 2026 के तहत किसान संगोष्ठी का आयोजन

कुशीनगर जिले के विकास खण्ड मोतीचक अंतर्गत ग्राम सभा अथरहा, मथौली बाजार में रविवार को इफको द्वारा ‘रिफॉर्म उत्सव 2026’ के अंतर्गत एक दिवसीय क्षेत्र दिवस एवं किसान संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय स्तर के करीब 60 से 70 प्रगतिशील किसानों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देना और खेती की लागत को कम करना था।

नैनो उर्वरकों के महत्व पर जोर

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और इफको लखनऊ के डीजीएम डॉ. संतोष कुमार सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अब खेती में नैनो उर्वरकों का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे रासायनिक उर्वरकों की मात्रा को आधा कर दें और नैनो उर्वरकों को अपनाएं, जिससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। डॉ. सिंह ने विशेष रूप से गेहूं की बुआई के समय नैनो डीएपी के उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसान 5 मिलीलीटर नैनो डीएपी प्रति किलोग्राम गेहूं के बीज को उपचारित कर बुआई करते हैं, तो वे बोरी वाली डीएपी की खपत को आधा कर सकते हैं। इसके अलावा कार्यक्रम में नैनो यूरिया, नैनो कॉपर, नैनो जिंक, एनपीके, सागरिका और सल्फर जैसे उत्पादों के संतुलित उपयोग के बारे में विस्तार से समझाया गया।

पर्यावरण संरक्षण और पराली प्रबंधन का संदेश

इफको गोरखपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक कौशिक पाण्डेय ने किसानों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए प्रत्येक किसान से कम से कम पांच पौधे लगाने का आग्रह किया। साथ ही, इफको के वेस्ट डी-कंपोजर और जैव उर्वरकों के लाभों को भी साझा किया गया। इस अवसर पर इफको क्षेत्राधिकारी कुशीनगर रमाकांत मौर्य ने मिट्टी परीक्षण की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि किसान भाई अपने खेतों की मिट्टी की जांच अवश्य कराएं और रिपोर्ट के आधार पर ही पोषक तत्वों का प्रयोग करें। कार्यक्रम के अंत में किसानों को पराली न जलाने की विशेष अपील की गई। पराली के उचित प्रबंधन के लिए इफको की ओर से बायो-डीकंपोजर निःशुल्क वितरित किए गए और किसानों को इसका उपयोग करने की विधि भी सिखाई गई। प्रगतिशील किसान छाँगुर कुशवाहा ने उपस्थित किसानों को अपने खेतों का भ्रमण कराया और नैनो उर्वरकों के सफल प्रयोगों के व्यावहारिक लाभों से अवगत कराया।

आयोजन में इनकी रही सक्रिय भागीदारी

इस किसान संगोष्ठी का सफल संचालन और धन्यवाद ज्ञापन इफको एसएफए प्रकाश सोनी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में इफको के क्षेत्र प्रबंधक अधिराज राय, एमसी के अजीत सिंह, एसएफए अभिषेक दूबे और अंगद गिरी सहित कई कृषि विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त क्षेत्र के दर्जनों किसान, जिनमें श्रीराम कुशवाहा, अजय सिंह, प्रशासक मृतुन्जय कुमार, रामबदन सिंह, रामगोपाल सिंह, यमुना सागर सिंह, अनिरुद्ध सिंह, लालजी यादव, रामहर्ष कुशवाहा, नन्दलाल कुशवाहा, सुरेश मौर्या, फूलबदन कुशवाहा, धर्मेन्द्र सिंह, महमूद अली, सराफत अली, अजय पटेल, राममहेश शर्मा, श्रीराम शर्मा, मधुसूदन सिंह, बबलू सिंह, देवी श्रीमती, रूबी कुशवाहा, सुरेश कुशवाहा और विभूती कुशवाहा उपस्थित रहे।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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