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Maharajganj News: मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में अब ऑनलाइन भी मिलेगी निशुल्क कोचिंग

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महराजगंज में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नई पहल

महराजगंज जिले के प्रतियोगी छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत संचालित निशुल्क कोचिंग कक्षाओं का विस्तार करते हुए अब इसे ऑनलाइन मोड में भी शुरू किया गया है। अब तक जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज में ऑफलाइन माध्यम से चल रही इन कक्षाओं के साथ-साथ अभ्यर्थी अब घर बैठे भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी तैयारी जारी रख सकेंगे।

पंजीकरण और ऑनलाइन सुविधा का लाभ

जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन यादव ने जानकारी दी कि कई अभ्यर्थी दूर-दराज के क्षेत्रों से कॉलेज तक पहुँचने में असमर्थ होते हैं, जिसके कारण उनकी पढ़ाई बाधित होती है। इस समस्या को दूर करने के लिए विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार किया गया है। इसके लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक पोर्टल abhyuday.up.gov.in पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

सफल पंजीकरण के बाद छात्रों को एक विशिष्ट आईडी प्रदान की जाएगी, जिसके माध्यम से वे निम्नलिखित सुविधाओं का निशुल्क लाभ उठा सकेंगे:

  • यूपीएससी, पीसीएस, एनडीए, सीडीएस, नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेषज्ञ लेक्चर।
  • स्टडी मटेरियल के रूप में पीडीएफ नोट्स और मॉक टेस्ट।
  • लाइव क्लास और रिकॉर्डेड वीडियो लेक्चर्स की उपलब्धता।
  • संदेह निवारण (डाउट सेशन) और समय-समय पर कॅरिअर काउंसिलिंग।

ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को होगा विशेष लाभ

इस नई ऑनलाइन सुविधा का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उन मेधावी छात्रों तक पहुंच बनाना है जो महंगी कोचिंग का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। अधिकारियों के अनुसार, छात्र अपनी सुविधानुसार किसी भी समय रिकॉर्डेड लेक्चर देख सकते हैं, जिससे कामकाजी या दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को काफी मदद मिलेगी। यह पहल जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम है, जिससे अधिक से अधिक छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

अधिकारियों का निर्देश

समाज कल्याण विभाग ने सभी इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे बिना देरी किए पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर लें। पंजीकरण के बाद प्राप्त डिजिटल आईडी ही ऑनलाइन स्टडी मटेरियल और लाइव कक्षाओं तक पहुंच सुनिश्चित करेगी। प्रशासन का मानना है कि ऑफलाइन और ऑनलाइन का यह हाइब्रिड मॉडल जिले में शिक्षा का स्तर सुधारने में कारगर सिद्ध होगा।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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