शारदीय नवरात्र में बढ़ी महंगाई
महराजगंज जिले में शारदीय नवरात्र का पर्व शुरू होते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। हालांकि, इस बार पूजन सामग्री और फलाहार के दामों में पिछले वर्ष की तुलना में काफी वृद्धि दर्ज की गई है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था महंगाई पर भारी पड़ती दिख रही है और बाजारों में लोग बढ़-चढ़कर खरीदारी कर रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, त्योहार की मांग को देखते हुए थोक बाजार में ही कीमतों में उछाल आया है, जिसका सीधा असर फुटकर कीमतों पर पड़ रहा है।
पूजन सामग्री की कीमतों में इजाफा
लेहड़ा देवी मंदिर के निकट दुकान लगाने वाले लालसा यादव ने बताया कि माता रानी के पूजन में उपयोग होने वाली सामग्री इस साल महंगी हो गई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जो कच्चा नारियल 30 रुपये में उपलब्ध था, वह इस बार 40 रुपये तक बिक रहा है। इसी प्रकार सिंदूर, रोली, धूपबत्ती और कपूर जैसी आवश्यक सामग्री का सेट अब 20 रुपये में मिल रहा है। इसके अलावा, माता को चढ़ाई जाने वाली चुनरी की कीमत भी 50 रुपये से बढ़कर 70 से 80 रुपये के बीच पहुंच गई है।
फलाहार और ड्राई फ्रूट्स के बदले दाम
व्रत के दौरान उपवास रखने वाले लोग फलाहार पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, लेकिन यहां भी महंगाई की मार स्पष्ट है। मुख्यालय के प्रमुख कारोबारी धीरेंद्र निगम के मुताबिक, व्रत में इस्तेमाल होने वाले सिंघाड़े के आटे की कीमतों में भारी उछाल आया है। पिछले वर्ष जो सिंघाड़े का आटा 200 रुपये प्रति किलो मिल रहा था, वह अब 260 रुपये किलो तक बिक रहा है। इसके साथ ही तिन्नी चावल और मौसमी फलों के दामों में भी तेजी देखी गई है। सब्जी मंडी में आलू, टमाटर और लौकी जैसी जरूरी चीजों के दाम भी त्योहार के कारण बढ़ गए हैं।
ब्रांडेड उत्पादों की ओर बढ़ा झुकाव
शास्त्रीनगर में किराना स्टोर चलाने वाले अमन अग्रवाल का कहना है कि महंगाई के बावजूद लोगों की खरीदारी में कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य और शुद्धता को लेकर सचेत ग्राहक अब खुले आटे के बजाय पैकेट बंद उत्पाद अधिक पसंद कर रहे हैं, जिससे बाजार का स्वरूप भी बदल रहा है। महराजगंज के बाजारों में पूजन सामग्री के साथ-साथ ड्राई फ्रूट्स की भी जमकर बिक्री हो रही है। प्रशासन की ओर से अब तक किसी विशेष मूल्य नियंत्रण का निर्देश नहीं आया है, लेकिन दुकानदारों का कहना है कि मांग के अनुसार आपूर्ति बनी हुई है।
शारदीय नवरात्र के इस पावन अवसर पर श्रद्धालु महंगाई की परवाह किए बिना अपनी पूरी श्रद्धा के साथ पूजन और फलाहार की खरीदारी कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे खरीदारी करते समय गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और आवश्यक वस्तुओं के लिए अधिकृत दुकानों का ही रुख करें।