Sunday, 1 November 2026 | पूर्वांचल संस्करण • कुशीनगर केंद्रबिंदु
🔴 24x7 लाइव न्यूज़ डेस्क
• कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, महराजगंज, गोपालगंज
हाइपरलोकल न्यूज़ प्लेटफॉर्म • निष्पक्ष • प्रामाणिक • सबसे पहले

Maharajganj News: कटे होंठ व तालू से पीड़ित 9 बच्चों को भेजा गोरखपुर

🎙️ खबर सुनें (AI वॉइस रीडर)

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

महराजगंज जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत एक विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जन्मजात बीमारियों से जूझ रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था।

शिविर के दौरान 0 से 6 वर्ष की आयु के कुल 25 बच्चों का पंजीकरण किया गया, जो कटे होंठ और तालू की समस्या से पीड़ित पाए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इन बच्चों का प्रारंभिक परीक्षण किया और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया। इनमें से नौ बच्चों की स्थिति को देखते हुए उन्हें विशेष उपचार के लिए गोरखपुर रेफर किया गया, जहां एक निजी अस्पताल में उनकी सर्जरी और इलाज की प्रक्रिया निशुल्क संपन्न होगी।

16 बच्चों को मिला पोषण परामर्श

शिविर में शामिल हुए अन्य 16 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के दौरान उन्हें ‘अंडर वेट’ (कम वजन) पाया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इन बच्चों को फिलहाल सर्जरी के लिए नहीं भेजा गया है। पहले इनका स्वास्थ्य और पोषण स्तर सुधारा जाएगा, जिसके बाद भविष्य में उन्हें उपचार के लिए भेजा जाएगा। इस दौरान अभिभावकों को बच्चों के बेहतर पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच के बारे में भी जागरूक किया गया।

मुस्कान वापस लाने की सरकारी पहल

मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) महेंद्र कुमार सिंह और जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) भोलानाथ ने हरी झंडी दिखाकर उपचार के लिए जा रहे बच्चों के वाहन को रवाना किया। इस अवसर पर सीडीओ ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का मूल उद्देश्य गरीब और असहाय परिवारों के बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी बच्चा जन्मजात शारीरिक विकृति के कारण अपने भविष्य से समझौता न करे।

आरबीएसके के तहत 47 बीमारियों का निशुल्क इलाज

डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश द्विवेदी और नोडल अधिकारी डॉ. एम.डब्ल्यू. खान ने जानकारी दी कि आरबीएसके योजना के तहत कुल 47 प्रकार की गंभीर बीमारियों का निशुल्क इलाज किया जाता है। उन्होंने बताया कि जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) के माध्यम से जन्मजात कटे होंठ व तालू के अलावा दिल में छेद, सुनने में अक्षमता, अस्थि रोग और टेढ़े पैर जैसी बीमारियों का भी इलाज प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराया।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

संबंधित और अन्य महत्वपूर्ण खबरें

✍️ अपनी राय दें (Leave a Comment)

आपका ईमेल पता सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।