महराजगंज: डोमा गांव में राशन का भारी गबन
महराजगंज जिले के निचलौल ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत डोमा में खाद्यान्न वितरण में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई औचक जांच में उचित दर विक्रेता (कोटेदार) के पास 252.70 क्विंटल खाद्यान्न कम पाया गया है। सरकारी अनाज के इस बड़े पैमाने पर कम मिलने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कोटेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
प्रशासन की जांच और कार्रवाई
पूर्ति निरीक्षक इंद्रभान द्वारा निचलौल थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक, शासन ने 10 अक्टूबर 2026 से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न वितरण का निर्देश दिया था। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद जब डोमा के कोटेदार ने राशन वितरण का कार्य शुरू नहीं किया, तो पूर्ति निरीक्षक ने गांव का दौरा किया। जांच के दौरान कोटेदार से वितरण न करने का ठोस कारण पूछा गया, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
अपनी जांच रिपोर्ट में पूर्ति निरीक्षक ने खाद्यान्न की कालाबाजारी की प्रबल आशंका जताई। इसके बाद जिलाधिकारी महराजगंज के अनुमोदन पर 15 अक्टूबर को कोटेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मंजूरी दी गई। परिणामस्वरूप, 17 अक्टूबर को निचलौल थाने में संबंधित उचित दर विक्रेता के विरुद्ध उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
दुकान का अनुबंध निलंबित
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत कोटेदार की दुकान का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच के दौरान गोदाम में जो शेष खाद्यान्न मौजूद था, उसे प्रशासन ने अपनी निगरानी में ले लिया है। जिला अधिकारियों के निर्देश पर इस खाद्यान्न को सुरक्षा के दृष्टिगत ग्राम पंचायत बढ़या मुस्तकीम के उचित दर विक्रेता, रमेश कुमार, की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जब भी सक्षम अधिकारी या न्यायालय द्वारा मांग की जाए, तो वे इस खाद्यान्न को प्रस्तुत करें।
मामले की वर्तमान स्थिति
निचलौल थाना अध्यक्ष योगेंद्र कुमार राय ने पुष्टि की है कि विभाग से प्राप्त तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब मामले की गहराई से विवेचना कर रही है ताकि राशन की कालाबाजारी के इस पूरे तंत्र का पता लगाया जा सके। स्थानीय निवासियों के लिए यह घटना चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि इससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।