दशहरे के चलते सोनौली सीमा पर रही शांति
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को दशहरा पर्व के मौके पर भारत-नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर सामान्य दिनों की अपेक्षा सन्नाटा पसरा रहा। नेपाल में दशहरा एक प्रमुख त्योहार माना जाता है, जिसके चलते वहां की सीमावर्ती क्षेत्रों बेलहिया और भैरहवा में सार्वजनिक अवकाश रहा। इस उत्सव का सीधा असर महाराजगंज जिले की सोनौली सीमा पर देखने को मिला, जहां मालवाहक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप रही।
व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ा असर
सोनौली सीमा पर स्थित भैरहवा भंसार कार्यालय में सार्वजनिक अवकाश के कारण आयात-निर्यात संबंधी सभी कामकाज बंद रहे। इसका असर यह हुआ कि बड़ी संख्या में मालवाहक ट्रक सीमा पर खड़े दिखाई दिए और एक भी ट्रक बुधवार को नेपाल सीमा में प्रवेश नहीं कर सका। आम दिनों में व्यस्त रहने वाली सोनौली सीमा की सड़कों पर वाहनों का शोर और भारी ट्रकों की लंबी कतारें बुधवार को नदारद रहीं।
पर्यटकों के लिए खुली रही राह
हालांकि, माल ढुलाई पर रोक के बावजूद पर्यटकों के लिए सीमा को खुला रखा गया। भैरहवा भंसार कार्यालय के सूचना अधिकारी उद्धव ढुंगाना ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं था। उन्होंने बताया कि बुधवार को काफी संख्या में पर्यटक नेपाल में प्रवेश कर रहे थे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बृहस्पतिवार से मालवाहक ट्रकों की आवाजाही और पासिंग की प्रक्रिया सामान्य रूप से फिर शुरू कर दी जाएगी।
स्थानीय जनजीवन और यातायात
दशहरे के पर्व पर नेपाल में लोग अपने बड़े-बुजुर्गों से टीका लगवाकर आशीर्वाद लेने की परंपरा निभाते हैं, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर चहल-पहल कम रही। सोनौली सीमा पर यात्रियों के साथ छोटे वाहनों की आवाजाही भी सीमित देखी गई। सीमा क्षेत्र में पसरे इस सन्नाटे के कारण स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों की रफ्तार भी धीमी रही, क्योंकि ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़ी अधिकतर इकाइयां अवकाश के कारण बंद थीं। फिलहाल स्थिति सामान्य है और प्रशासन के अनुसार, किसी भी प्रकार की असुविधा की सूचना नहीं है। सीमा पर तैनात सुरक्षा बल अपने निर्धारित कर्तव्यों का पालन करते रहे और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही।