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सीवान पटाखा विस्फोट: परिवार का खुलासा, 42 साल से चल रहा था अवैध कारोबार

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सीवान पटाखा विस्फोट में पांच लोगों की मौत, परिवार का बड़ा खुलासा

बिहार के सीवान जिले के जामो थाना क्षेत्र स्थित आलमपुर गांव में हुए भीषण पटाखा विस्फोट ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में पांच लोगों की जान चली गई है, जबकि एक युवती अभी भी लापता है। हादसे में जीवित बची मृतक कारोबारी अमीरुदीन मियां की पत्नी जहरीना खातून, बहू साबरीन खातून और बेटी ने हादसे के बाद कई गंभीर खुलासे किए हैं, जो प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हैं।

42 वर्षों से चल रहा था अवैध पटाखा निर्माण

पीड़ित परिवार के अनुसार, आलमपुर गांव में पिछले करीब 42 वर्षों से पटाखा बनाने का काम चल रहा था। मृतक अमीरुदीन मियां की पत्नी जहरीना खातून ने बताया कि यह परिवार लंबे समय से इस जोखिम भरे काम से जुड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा और प्रशासन की अनदेखी के चलते यह अवैध कारोबार कभी बंद नहीं हुआ। परिवार का कहना है कि दिसंबर 2025 में बेटे आजाद आलम और पोते शाहनवाज आलम की हत्या के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए अमीरुदीन ने पटाखा बनाने के काम को बड़े पैमाने पर शुरू कर दिया था।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं

हादसे के समय घर में एक अलग ही माहौल था। मृतक की बहू साबरीन खातून ने बताया कि परिवार में दो बेटियों, मुस्कान खातून और इशरत खातून की शादी तय हो चुकी थी। घर में विवाह की तैयारियां जोरों पर थीं, लेकिन इस विस्फोट ने खुशियों को मातम में बदल दिया। हादसे के बाद से मुस्कान खातून का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे परिवार की चिंता और दुख और बढ़ गया है। पीड़ित परिवार अब इस घर को छोड़कर कहीं और जाने की बात कह रहा है।

प्रशासनिक कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

इस दुखद घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए जामो थाना के थानाध्यक्ष धीरज कुमार और स्थानीय चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सीवान पुलिस की एक टीम पीड़ित परिवार का विस्तृत बयान दर्ज करने के लिए गोपालगंज रवाना हो चुकी है। 23 अक्टूबर को हुए इस विस्फोट के बाद से ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। प्रशासन अब यह जांच करने में जुटा है कि इतने लंबे समय से बिना लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के इतना बड़ा अवैध कारोबार कैसे संचालित हो रहा था। स्थानीय निवासियों के लिए यह घटना एक बड़ा सबक है, जिन्होंने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी की मांग की है।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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